सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के विश्रामपुर में मोबाइल दुकान में सेंधमारी कर लाखों रुपये के मोबाइल फोन चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने दुकान की पिछली दीवार तोड़कर वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल किया गया औजार भी बरामद कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक मामले की जांच के
बाद दोनों आरोपियों को पकड़कर उनसे पूछताछ की गई, जिसमें
उन्होंने चोरी की पूरी योजना और वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली.
दीवार तोड़कर की गई थी
चोरी
जानकारी के मुताबिक विश्रामपुर स्थित
श्रीराम मोबाइल शॉप के संचालक अमित सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.
उन्होंने बताया कि 27 फरवरी की रात दुकान
बंद कर घर चले गए थे. अगली सुबह जब दुकान खोली गई, तो पता
चला कि अज्ञात चोरों ने दुकान की पिछली दीवार में सेंध लगाकर अंदर रखे मोबाइल फोन
चोरी कर लिए हैं. चोर दुकान से अलग-अलग कंपनियों के 17 नए
मोबाइल फोन और रिपेयरिंग के लिए आए 10 पुराने मोबाइल भी साथ
ले गए थे.
मुखबिर की सूचना पर
पुलिस को मिली सफलता
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. दरअसल,
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली थी. इस
सूचना के आधार पर पुलिस ने तालाबपारा निवासी अभिषेक गुप्ता और विमल को हिरासत में
लेकर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने मोबाइल दुकान में चोरी की
वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली.
पहले बनाई योजना,
फिर दिया वारदात को अंजाम
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी
से पहले दोनों की मुलाकात एकता स्टेडियम में हुई थी. वहीं,
बैठकर उन्होंने मोबाइल दुकान में चोरी करने की योजना बनाई थी. इसके
बाद देर रात करीब दो बजे दोनों आरोपी दुकान के पीछे वाली गली में पहुंचे. वहां
गैंता की मदद से उन्होंने दुकान की दीवार तोड़ी और दीवार में बने छेद के जरिए हाथ
डालकर अंदर रखे मोबाइल फोन निकाल लिए.
पुलिस ने बरामद
किए 27 मोबाइल फोन
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने
चोरी किए गए कुल 27 मोबाइल फोन बरामद कर लिए
हैं. बरामद मोबाइल फोन की कीमत लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा चोरी की वारदात में इस्तेमाल किया
गया गैंता भी पुलिस ने जब्त कर लिया है.
सूरजपुर के एसडीओपी अभिषेक पैकरा ने
बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ आगे की
कानूनी कार्रवाई की जा रही है. क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए
लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्ती से नजर रखी जा रही
है.