विदेशी कम्पनियों के खिलाफ कैट ने शुरू किया हल्ला बोल अभियान

00 ई-कामर्स नियमों लागू करने की मांग को लेकर 500 से अधिक शहरों में धरना
रायपुर। कैट ने विदेशी ई कामर्स कम्पनियों द्वारा सरकार की नाक के ठीक नीचे देश के क़ानूनों एवं नियमों के उल्लंघन के खिलाफ निर्णायक लड़ाईं का आह्वान करते हुए कैट ने आज से हल्ला बोल अभियान की शुरुआत की। केंद्र सरकार से उपभोक्ता क़ानून में प्रस्तावित नियमों को तत्काल लागू करने की माँग को कैट ने आज प्रदेश भर सहित से देश भर में एक महीने का `ई कामर्स पर हल्ला बोल` राष्ट्रीय अभियान शुरू किया जिसके अंतर्गत रायपुर सहित प्रदेश भर एवं देश के विभिन्न राज्यों के 500 से अधिक शहरों में कैट के बैनर तले स्थानीय व्यापारी संगठनों ने अपनी माँगों को लेकर धरना दिया। हल्ला बोल अभियान की इस शृंखला में आगामी 23 सितम्बर को देश के सभी ज़िला कलेक्टरों को कैट के प्रतिनिधि मण्डल प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन देंगे ।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने कहा की आज छत्तीसगढ सहित देशभर में आयोजित धरनों ने यह सिद्ध कर दिया की बड़ी विदेशी ई कामर्स कम्पनियों के मोनोपॉली व्यापार मौडल के खिलाफ अब देश भर का व्यापारी लामबंद हो चुका है। इन कम्पनियों द्वारा किए का रहे क़ानून रव नियमों के उल्लंघन को और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगा। इसी कड़ी में आज कैट रायपुर, अम्बिकापुर, मनेन्द्रगढ, बिलासपुर, रायगढ़, चांपा, कोरबा, भाटापारा, तिल्दा, दुर्ग, राजनांदगांव, भिलाई, धमतरी, कांकेर, सराईपाली, बसना, अभनपुर, महासंमुद, सहित अन्य सभी ईकाइयों में `ई-कामर्स पर हल्ला बोल` राष्ट्रीय अभियान शुरू किया गया है। पारवानी एवं श्री दोशी ने कहा की सरकार यदि ई कामर्स व्यापार को पारदर्शी और व्यवस्थित करने के लिए नियम ला रही है तो विदेशी ई कामर्स कम्पनियों और उनके भोपुओं के पेट में दर्द क्यों हो रहा है ? प्रस्तावित नियमों के अंतर्गत प्रत्येक ई कामर्स कम्पनी के लिए आवश्यक पंजीकरण , सम्बंधित कम्पनियों द्वारा अपने मार्केट प्लेस पर सामान की बिक्री पर रोक तथा नोडल ऑफ़िसर अथवा शिकायत ऑफ़िसर का गठन क्या जायज़ नहीं है ? यह भी समझ में नहीं आता की नीति आयोग क्यों अनीति का साथ दे रहा है ? आज भी जब विदेशी कम्पनियाँ देश के क़ानूनों का उल्लंघन कर रही है तब उनको कहने के बजाय नीति आयोग उपभोक्ता मंत्रालय के विवेक और अधिकार को चुनौती दे रहा है ? इस मुद्दे पर कैट ने आगामी 30 सितम्बर और 1 अक्तूबर को वाराणसी में देश के सभी राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेताओं का एक दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन भी बुलाया है जिसमें अन्य कदमों के अलावा भारत व्यापार बंद करने पर भी विचार हो सकता है। ई कामर्स पर हल्ला बोल में अमर पारवानी, अमर गिदवानी, जितेन्द्र दोशी, परमानन्द जैन, सुरिन्दर सिंह, भरत जैन, अजय अग्रवाल, राकेश ओचवानी, राजेन्द्र जग्गी, अजय भसीन, उत्तम गोलछा, सुनील धुप्पड़, कन्हैया गुप्ता, जय नानवानी, नीलेश मुंदड़ा, महेश जेठानी, नरेश पाटनी, प्रीतपाल सिंह बग्गा, संजय जयसिंह, जयराम कुकरेजा, जितेन्द्र गोलछा, राकेश अग्रवाल, नरेश चंदानी, विजय जैन, अवनीत सिंह, दीपक कुकरेजा, सतीश श्रीवास्तव, टीनिवास रेडडी, राम ओबेराय, अंशुमन पाण्डे, आन्नद क्षत्री, जय नेभानी, ठाकुर दास लल्ला, गोविन्द चिमनानी, विक्रांत राठौर, अनमोल जैन, अनिल केवलानी, दीपक गंगवानी, नितेश कुमार अग्रवाल, विपुल सरमन, भगवानदास अग्रवाल, शोअब अंसारी, रमन पिल्लाई, कपिल राठौर, नितेश कुमार जैन, विनय कृपलानी, नीरज गुप्ता, मनोज बागड़ी, धीरज ताम्रकार, श्याम माहेश्वरी, महेश प्रसाद राय, रवि हीरवानी, मनोहर पंजवानी, विमल बाफना, विनोद शर्मा, रमेश मंधान, दिलीप डुम्बानी, विजय कुमार जैन, जीवत बजाज, सुब्रत चाकी, अमरजीत सिंह छाबड़ा, बिहारी होतवानी, एवं अन्य व्यापारी उपस्थित थे।

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