स्कूलों के माध्यम से जिले के बच्चों का भविष्य गढ़ने में हो रही है सुविधा

रायपुर/उत्तर बस्तर कांकेर| शिक्षा हम सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक तकनिकी है, शिक्षा का उच्च स्तर, लोगों को सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक और व्यक्ति विशेष को एक अलग पहचान बनाने में सहायता करता है। शिक्षा का समय सभी के लिए सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण होता है। राज्य शासन द्वारा शिक्षा के महत्व को समझते हुए प्रत्येक नागरिक को शिक्षा का अवसर उपलब्ध करा रहा है तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सभी वर्गों को शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। कांकेर जिले में 02 हजार 441 विद्यालय है, जिसमें 1591 प्राथमिक शाला, 608  माध्यमिक शाला, 107 हाईस्कूल और 135 हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित किया जा रहा है।
स्कूली बच्चों को कुपोषण से मुक्ति तथा विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित मध्यान्ह भोजन योजना में वर्ष 2021 -22 में प्राथमिक स्तर 51 हजार 593, माध्यमिक स्तर 31 हजार 261  को लाभान्वित किया जा रहा है। कोविड महामारी के प्रकोप से प्रभावित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से शासन ने छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना प्रारंभ किया गया है। इस योजना के तहत जिले में 59 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा ग्रामीण अंचल में निवास करने वाले गरीब बच्चों के लिए अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना प्रारंभ किया गया है। इस योजना के तहत जिले के सभी विकासखण्ड में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल का संचालन किया जा रहा है, जिसमें 3436  विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी स्कूल माध्यम अंतर्गत विकासखण्ड कांकेर में 831, अंतागढ़  में 462, भानुप्रतापपुर में 522, चारामा में 514, दुर्गूकोंदल  में 288, कोयलीबेडा  विद्यालय में 525 और विकासखण्ड नरहरपुर में 294 विद्यार्थियों को प्रवेश देकर शिक्षा दी जा रही है। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने एवं उनके सतत अध्यापन के उद्देश्य से निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत कक्षा 9वीं में नवप्रवेशित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सभी बालिकाओं तथा अन्य वर्ग के बी.पी.एल. राशन कार्डधारी परिवार के बालिकाओं को निःशुल्क सायकल वितरण किया जाता है। शासकीय एवं अनुदान प्राप्त हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना संचालित की जाती है। इस योजना के तहत वर्ष 2021 -22  में 05 हजार 646 पात्र बालिकाओं को सायकल वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सत्र 2021-22 में निःशुल्क गणवेश योजनान्तर्गत शासकीय, अनुदान, मदरसा में अध्ययनरत कक्षा 01 से 08 वी तक के 87 हजार 504 छात्र -छात्राओं को गणवेश निःशुल्क प्रदाय किया गया है इसी प्रकार निःशुल्क पाठ्यपुस्तक  योजनान्तर्गत शासकीय, अशासकीय, अनुदान, मदरसा में अध्ययनरत कक्षा 1ली से 10वी तक के 01 लाख 38 हजार 225  छात्र -छात्राओं को  हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें प्रदाय किया गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अशासकीय विद्यालयों की एन्ट्री पाईंट नर्सरी या कक्षा 1ली, एल.के.जी. या कक्षा 1 या किसी एक कक्षा में असुविधाग्रस्थ वर्ग या कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीट्स आरक्षित किया गया है, जिसमें लाटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाता है और उन्हें कक्षा 8वीं तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य में राज्य शासन द्वारा कक्षा 12 वीं तक उक्त योजना का विस्तार किया गया है,  इस योजना के अंतर्गत 01 हजार 879 सीट आरक्षित किया गया है, जिसमे 732 छात्रों को प्रवेश दिया गया, शेष विद्यार्थी की प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है । छात्र दुर्घटना बीमा योजना के तहत समस्त शासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1ली से 12वीं तक विद्यार्थियों के आकस्मिक निधन होने पर 01 लाख रुपए एवं आंशिक क्षति होने पर 25 से 50 हजार रुपए तक की राशि आर्थिक सहायता के रूप में उनके माता, पिता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाती है, जिसमें  21 अभिभावक  को दुर्घटना बीमा योजना के तहत लाभ दिया गया। कोरोना काल के समय में भी ऑनलाइन क्लास, प्रिन्ट रिच, मोहल्ला कक्षा, पढ़ाई से शिक्षण कार्य को सतत जारी रखा गया है। महिला सशक्तिकरण के तहत जिले के चार विकासखंड कांकेर, कोयलीबेडा, दुर्गूकोंदल और नरहरपुर में 200 सीटर कन्या आवासीय विद्यालय भी संचालित की जा रही है, जिससे चार विकासखण्ड के बालिकाओं को इस योजना से लाभ मिल रही है।

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