अपनी बाधाओं को अपने सामर्थ्य में बदलकर पर्वतारोही साहू ने प्रस्तुत किया अनूठा उदाहरण : भूपेश बघेल

00 मुख्यमंत्री से पर्वतारोही चित्रसेन साहू ने की मुलाकात
00 कृत्रिम पैरों से यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस फतह कर लहराया तिरंगा मुख्यमंत्री को किया भेंट
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम उनके निवास कार्यालय में बालोद निवासी पर्वतारोही चित्रसेन साहू ने सौजन्य मुलाक़ात की। साहू ने मुख्यमंत्री को विगत 23 अगस्त को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस (5642 मीटर) की अपने कृत्रिम पैरों से कठिन चढ़ाई कर शिखर पर लहराया तिरंगा भेंट किया। मुख्यमंत्री बघेल ने चित्रसेन साहू को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बाधाओं को अपनी शक्ति बनाकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है और अपने अदम्य हौसले व जज्बे से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री बघेल को पर्वतारोही साहू ने बताया कि इससे पहले वे अफ्रीका महाद्वीप के माउंट किलिमंजारो और ऑस्ट्रेलिया के माउंट कोजियस्को को भी फतह कर चुके है। वे तीन महाद्वीपों की चोटियों को फतह करने वाले पहले भारतीय डबल ऐम्प्युटी (दोनों पैर कृत्रिम) हैं। साहू ने भविष्य की योजनाएं साझा करते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि उनका लक्ष्य सातों महाद्वीप की सात ऊँची चोटियों को फतह करने का है, इनमें से तीन वे हासिल कर चुके हैं और एशिया की सर्वाेच्च छोटी माउंट एवरेस्ट सहित 4 चोटियां शेष हैं। इसके बाद वे दिसंबर में दक्षिण अमेरिका के माउंट एकांकागुआ की चढाई करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल ने उन्हें उनके आगामी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, समाजसेवी मनमोहन अग्रवाल व अन्य लोग उपस्थित थे।

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