भाजपा अपने प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के थूकने वाले बयान को फूंकने बता कर छत्तीसगढ़ के अपमान के दोष से बच नही सकता : कांग्रेस

मुख्यमंत्री रहते हुये रमन सिंह ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छोटा आदमी कहा था, छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने इसका जवाब कांग्रेस को 70 सीटें देकर दिया था

छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान, पहचान, मजदूर किसान की सरकार पर थूकने की डी पुरंदेश्वरी की बात का भी करारा जवाब छत्तीसगढ़ के मतदाता देंगे

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री रहते हुये रमन सिंह ने तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छोटा आदमी कहा था। छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने इसका जवाब कांग्रेस को सत्तर सीटें देकर दिया है। अब भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान पहचान, मजदूर किसान की सरकार पर थूकने और फूंकने में छत्तीसगढ़ की भाजपा कार्यकर्ताओं के थूकने से सरकार के बह जाने की बात कही है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को विधानसभा चुनाव 2018 में तीन चौथाई से अधिक बहुमत मिला। छत्तीसगढ़ के जनादेश के साथ छत्तीसगढ़ की अस्मिता पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक कांग्रेस सरकार पर थूकने और इसके बह जाने की बात का भी करारा जवाब भी छत्तीसगढ़ के मतदाता देंगे और इस जवाब की गूंज भाजपा को लंबे समय तक सुनाई देगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा अपने प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के थूकने वाले बयान को फूंकने बताकर छत्तीसगढ़ को अपमानित करने के दोष से मुक्त नहीं हो सकता। भाजपा नेताओं ने बेशर्मी की सारी सीमाएं लांघ दी। छत्तीसगढ़ के किसान, नौजवान, माता-बहने, आदिवासी वर्ग, ओबीसी वर्ग, जनजाति वर्ग, व्यापारी सहित सभी वर्ग थूकने और फूंकने में अंतर को भली-भांति जानते हैं और आरएसएस भाजपा के घृणा और नफरत फैलाने की मानसिकता से भी पूर्व परिचित हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के अब तक के कार्यकाल के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दाविहीन, विचारविहीन हो चुकी है। बस्तर में चिंतन शिविर आयोजित कर राजनीतिक प्रोपोगंडा किया गया। और चिंतन शिविर के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता की चुनी हुई जनहितैषी, किसान हितैषी सरकार को थूक से बहा देने की बात कह कर अपनी असली मकसद और अहंकार को जनमानस के बीच रखने काम किया है। छत्तीसगढ़ में घृणा और नफरत फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। 15 साल के रमन शासनकाल के दौरान भी छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा और आर एस एस के जनविरोधी, किसान विरोधी, पिछड़ा वर्ग विरोधी, आदिवासी वर्ग विरोधी नीतियों से पीड़ित और प्रताड़ित रहे हैं।

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