आरएसएस बताए कि छत्तीसगढिया स्वाभिमान पर थूकने की भाजपा की मंशा से सहमत है? :कांग्रेस

आरएसएस बताये कि क्या डी. पुरंदेश्वरी द्वारा बीजेपी कार्यकर्ताओं को दी गयी थूकने की सलाह को सही समझते है?

क्या थूकने की यह सलाह आरएसएस के निर्देशो पर ही दी गयी है?

 

रायपुर। डी पुरंदेशवरी के द्वारा की गयी छत्तीसगढ़ को अपमानित करने वाली बयान पर कांग्रेस ने आरएसएस को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि आरएसएस बताये कि क्या वो डी. पुरंदेश्वरी द्वारा बीजेपी कार्यकर्ताओं को दी गयी थूकने की सलाह को सही समझते है या यह सलाह आरएसएस के निर्देशों पर ही दी गयी है।

 

छत्तीसगढ़ के सरकार छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान छत्तीसगढ़ के मजदूर किसान की प्रतिक है। आरएसएस को यह स्पष्ट करना चाहिये कि डी. पुरंदेश्वरी के द्वारा दी गयी इस सरकार पर थूकने की सलाह से क्या आरएसएस सहमत है। आरएसएस स्वंय को भारतीय संस्कृति और परम्पराओं को ध्वज वाहक कहता है। ये सब को पता है भाजपा आरएसएस के निर्देशों पर काम करता है या डी. पुरंदेश्वरी को सलाह देने के निर्देश आरएसएस के मुख्यालय नागपुर से दिये गये और अगर नहीं दिये गये तो आरएसएस को इससे अपनी असहमति थूकने की सलाह से अपनी असहमति स्पष्ट उजागर करना चाहिये सार्वजनिक करना चाहिये। छत्तीसगढ़ के लोगो को यह जानने का अधिकार है कि छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान के भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी द्वारा किये गये इस अपमान से आरएसएस की सहमति है क्या? आरएसएस बताए कि छत्तीसगढिया स्वाभिमान पर थूकने की भाजपा की मंशा से आरएसएस सहमत है? भारतीय संस्कृति और परंपरा के स्वयंभू ध्वज वाहक बने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को बताना चाहिए कि क्या वह छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान पर थूकने की भाजपा की मंशा से सहमत है? भाजपा अपने दिशा निर्देश आरएसएस से लेती है और उसकी भूमिका एक पितृ संस्था की है। इसलिए छत्तीसगढ़ की जनता को यह जानना बहुत ज़रूरी है कि आरएसएस के डी. पुरंदेश्वरी द्वारा दिये गये इस स्तरहीन बयान पर पर क्या विचार हैं? क्या आरएसएस ने भाजपा के नेताओं के इस बयान पर आपत्ति की है? और अगर की है तो यह आपत्ति सार्वजनिक होना चाहिए। या फिर आरएसएस भी छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान, छत्तीसगढ़िया किसान और मज़दूरों के अपमान पर भाजपा की तरह ही ताली बजा बजाकर नाच रहा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि थूकने की सलाह ही आरएसएस के मुख़्यालय नागपुर से आई है? अगर ऐसा है तो यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का घोर अपमान है। अगर ऐसा नहीं है तो आरएसएस को सार्वजनिक रूप से इस बयान पर आपत्ति करनी चाहिए। आरएसएस का मौन स्वीकृति का ही परिचायक माना जाएगा।

कांग्रेस के 5 सवाल :- छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान के भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी द्वारा किये गये इस अपमान से आरएसएस की सहमति है क्या? आरएसएस बताए कि छत्तीसगढिया स्वाभिमान पर थूकने की भाजपा की मंशा से आरएसएस सहमत है? भारतीय संस्कृति और परंपरा के स्वयंभू ध्वज वाहक बने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को बताना चाहिए कि क्या वह छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान पर थूकने की भाजपा की मंशा से सहमत है? छत्तीसगढ़ की जनता को यह जानना बहुत ज़रूरी है कि आरएसएस के डी. पुरंदेश्वरी द्वारा दिये गये इस स्तरहीन बयान पर पर क्या विचार हैं? क्या आरएसएस ने भाजपा के नेताओं के इस बयान पर आपत्ति की है?

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