डी पुरंदेश्वरी के विवादित बयान पर मुख्यमंत्री बघेल ने किया पलटवार, कहा “किसानों-छत्तीसगढ़ियों से नफरत करती है भाजपा, माफी मांगे”

००  कृषि मंत्री रविन्द्र चोबे ने कहा,  3 दिन के भाजपा के चिंतन में सिर्फ थूक निकला

रायपुर| भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के बयान को लेकर कांग्रेस हमलावर होती जा रही है। कांग्रेस ने उसे छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान से जोड़ने की कोशिश शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कहा- यह बयान बताता है कि भाजपा छत्तीसगढ़ियों और किसानों से कितनी नफरत करती है। थूकने का मतलब होता है, घृणा करना अथवा नफरत करना। यह किसानों की सरकार है। मेरे सहित मंत्रिमंडल के अधिकतर साथी पहले किसान हैं। ऐसे बयान से भाजपा प्रभारी किसानों पर थूकने की बात कह रही हैं। यह किसानों, ओबीसी वर्ग और छत्तीसगढ़ियों का अपमान है।

मंत्रिमंडल के 9 सहयोगियों के साथ शनिवार को राजीव भवन पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- इस बयान और उस पर दूसरे नेताओं की चुप्पी ने साफ कर दिया है। भाजपा का प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व किसानों और छत्तीसगढ़ियों को नफरत के लायक ही समझता है। उन्होंने कहा, उनको ऐसी सोच मुबारक, लेकिन छत्तीसगढ़ियों और किसानों से इस नफरत भरे बयान के लिए भाजपा माफी मांगे। CM ने कहा कि भाजपा सावरकर की अनुयायी है, जो अंग्रेजों के अनुयायी थे। वह भी फूट डालकर सत्ता हासिल करना चाहती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा को छत्तीसगढ़ और उसकी संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा के पास मुद्दा नहीं है। ऐसे में वह इस तरह के हथकंडों से प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश में है। भाजपा के एक प्रभारी कहते हैं कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का किसान होना ही उनकी सबसे बड़ी चुनौती है। दूसरी तरफ डी पुरंदेश्वरी मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल पर थूकने की बात कह रही हैं। दरअसल, बस्तर में हुए भाजपा के चिंतन शिविर में प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने ‘पलटकर थूक दें तो छत्तीसगढ़ का पूरा मंत्रिमंडल बह जाएगा’ वाला बयान दिया था। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा, बस्तर का नगरनार बिक रहा है, भाजपा के चिंतन शिविर में एक शब्द भी नहीं बोला गया। नक्सलवाद खत्म होने जा रहा है, शिक्षा और रोजगार बढ़ रहा है, इस पर चर्चा नहीं है। यह बयान किसानों के प्रति उनके नफरत की पराकाष्ठा दिखाता है। उन्होंने कहा, भाजपा के तीन दिन के चिंतन शिविर में कुछ बेहतर की उम्मीद थी, लेकिन वहां से उनका थूक निकला। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने डी. पुरंदेश्वरी के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, थूकने के लिए प्रेरित करना महामारी कानून में अपराध है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा, भाजपा अपनी चिंता करे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हवा में भाजपा बह जाएगी। डॉ. शिव डहरिया ने कहा, भाजपा ने हमेशा नफरत और जाति-धर्म की राजनीति की है। वे आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे। आज भी समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के बयान के खिलाफ आंदोलन की घोषणा भी कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा, हम लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेंगे। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया, 5 सितम्बर को पीसीसी की ओर से डी. पुरंदेश्वरी का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ राजीव भवन में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, समाज कल्याण मंत्री अनिला भेडिया और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ही इस जुटान में शामिल नहीं हो पाए थे।

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