राष्ट्रीय पोषण माह 2021 : अबूझमाड़ के सुदूर अंचलों से लेकर शहरों-कस्बों तक पहुंचा पोषण रथ

०० पोषण का महत्व समझाने जन-आंदोलन शुरू

०० कुपोषित बच्चों और महिलाओं के लिए मोहला एवं छुईखदान में अतिरिक्त आहार का शुभारंभ

रायपुर| सितम्बर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में कुपोषण एवं एनीमिया में कमी लाने के उद्देश्य से बुधवार को जन-आंदोलन के रूप में अभियान की शुरूआत की गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अमरजीत सिंह भगत ने राजनांदगांव जिले के वन धन केन्द्र पानाबरस मोहला से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान एवं सामुदाय आधारित सुपोषण प्रबंध कार्यक्रम अंतर्गत अतिरिक्त आहार का वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके तहत समुदायिक सहयोग से कुपोषित बच्चों एवं महिलाओं का चिन्हांकन कर उन्हें दवाईयां एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर सुपोषित बनाने के लिए काम किया जाएगा।

इसी कड़ी में अभियान के शुभारंभ अवसर पर अबूझमाड़ के सुदूर अंचलों से लेकर प्रदेश के शहरो-कस्बों तक पोषण रथ सही खान-पान का महत्व और कुपोषण से बचाव का संदेश लेकर पहुंचे। गंभीर कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट का वितरण किया गया। कुपोषण मुक्ति के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने पोषण रैली निकाली जिसमें कुपोषण से लड़ाई के लिए उनका उत्साह देखने को मिला। इसके साथ ही सितम्बर माह में पोषण माह के दौरान आदिवासी अंचलों सहित दूरदराज के इलाकों तक पोषण और उसका महत्व लोगों को समझाने कई प्रयास किए जाएंगे। जनसमुदाय में पोषण और स्वच्छता संबंधी जागरूकता और उनमें व्यवहार परिवर्तन के लिए कई कार्यक्रम आयोजित होंगेे।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बच्चों में कुपोषण और महिलाओं में एनीमिया को दूर करने 2 अक्टूबर 2019 से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ किया जिसका परिणाम सुखद रहा। पिछड़े क्षेत्रों में जहां महिलाओं में एनीमिया खून की कमी पाई जाती है, उन स्थानों पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इस अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम, सामाजसेवी संस्था तथा समुदाय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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