भाजपा नेताओं को कांग्रेस की चुनौती, राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ अवर्षा और सूखा होने पर भी मिलेगा

०० भाजपा नेता राजीव गांधी किसान न्याय योजना को लेकर अपना रवैया स्पष्ट करें
०० भाजपा नेता बतायें कि वे किसानों के साथ न्याय के पक्ष में है या अन्याय के पक्ष में है
०० किसानों को भाजपा की सरकारों ने जैसा धोखा दिया वैसा भारतीय इतिहास में किसी ने किसी को नहीं दिया

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बहुत ही महत्वपूर्ण घोषणा की है कि सूखा और अवर्षा की स्थिति बनने पर भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ दिया जायेगा। इस घोषणा के बाद अब जिस भाजपा ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के कारण छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल लेने से इंकार किया था। जिस भाजपा ने लगातार इस योजना पर सवाल उठाये। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भाजपा को चुनौती देते हुये कहा है कि छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में इतना बड़ा फैसला ये योजना इतनी हितकारी साबित हो रही है तो अब भाजपा के नेताओं को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बारे में अपना रवैया स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा के नेता को बताना चाहिये कि ये राजीव गांधी किसान न्याय योजना के पक्ष में है या नहीं। भाजपा नेता स्पष्ट करें कि वे किसानों के साथ न्याय के पक्ष में खड़े है या अन्याय के पक्ष में खड़े है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि इस वर्ष अवर्षा की स्थिति बनी हुई है। सूखे की आशंकायें किसानों के सामने खड़ी है। ऐसे समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ी महत्वपूर्ण घोषणा की है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ 9000 रूपयें प्रति एकड़ की दर से किसानों को मिलेगा। चाहे सूखा पड़े, चाहे अकाल पड़े छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों के साथ खड़ी है। भाजपा के नेताओं को चुनौती देते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि वे अब स्पष्ट करें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इतनी बड़ी घोषणा के बाद राजीव गांधी किसान न्याय योजना का वे समर्थन करते है या नहीं। पूर्व के वर्षो में इसी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के कारण छत्तीसगढ़ के किसानों से लिये गये धान से बना चांवल लेने से भाजपा की केन्द्र सरकार ने इंकार कर दिया था। आज वही राजीव गांधी किसान न्याय योजना सूखा, अवर्षा तमाम संकट की परिस्थितियों में छत्तीसगढ़ के किसानों का सहारा बन कर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने किसानों के हित में इस योजना को लागू करके किसानों का भला किया है। किसान विरोधी सारे पाप रमन सिंह जी और उनकी पार्टी भाजपा ने किए हैं। आज पूरे देश के किसान भाजपा की केंद्र सरकार के किसान विरोधी फैसलों को लेकर आंदोलित हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य में धान ख़रीदी की जो भी समस्याएं होती रहीं हैं उसके लिए भी केंद्र की भाजपा सरकार और उसकी नीतियां ही दोषी हैं। देश के किसानों से भाजपा ने 2022 तक आय दुगनी करने का वादा किया लेकिन आज तक उस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने का वादा किया और दावा भी किया लेकिन मोदी सरकार का वादा और दावा दोनों फर्जी निकला। भाजपा की केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए बार दाने देने में बाधा डाली गई। राज्य को जितने बारदाने की ज़रूरत थी उसमें कटौती की गई। जितना वादा था उतना बारदाना भी नहीं दिया गया। एफसीआई में चावल लेने की अनुमति केंद्र सरकार को देनी थी। चावल लेने का आदेश देने के बावजूद एफसीआई गोदामों में चावल रखने की अनुमति न देकर भाजपा की केंद्र सरकार ने ही छत्तीसगढ़ की धान खरीदी में बाधाएं डालने का कुचक्र किया। केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह और दीगर भाजपा नेता किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहा कर भाजपा के किसान विरोधी चरित्र पर पर्दा डालने की साजिश रच रहे हैं। छत्तीसगढ़ के किसानों को भाजपा गुमराह नहीं कर सकती। किसान जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में जब भाजपा के रमन सिंह जी की सरकार रही तब तक किसानों को किस तरह ठगा जाता रहा। न समर्थन मूल्य का वादा पूरा हुआ और न बोनस पांच साल तक मिला। चुनाव के समय मिला लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही बंद कर दिया गया। इन्हीं किसान विरोधी नीतियों के कारण भाजपा को 15 साल तक शासन करने के बाद छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने 15 सीट के लायक भी नहीं समझा। कांग्रेस सरकार हर किसान का धान खरीदेगी और किसानों को धान की फसल हो न हो राजीव गांधी किसान न्याय योजना का पूरा पैसा मिलेगा। करोना काल में वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों से वादा पूरा निभा रही है। ऐसे कठिन समय में केंद्र में सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह जी और दीगर भाजपा नेता छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 15 साल में भाजपा सरकार ने औसत 50 लाख मिट्रिक टन धान भी नहीं खरीदा लेकिन पिछले साल 2018-19 में भूपेश बघेल जी की सरकार ने 80 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान 2500 रू. में खरीदा। 2019-20 में भी 15 लाख 71 हजार की जगह 19 लाख 52 हजार किसानों का पंजीयन किया गया और 83 लाख टन धान कांग्रेस की सरकार के द्वारा खरीदा गया है। कांग्रेस सरकार ने 2019-20 में धान खरीदी में अपना ही पिछले साल 2018-19 का रिकार्ड तोड़ा। 2020-21 में 21 लाख पचास हजार किसानों का पंजीयन किया कांग्रेस सरकार ने 92 लाख टन धान कांग्रेस सरकार खरीदा है। अपने 15 वर्षो के शासनकाल में तो रमन सिंह सरकार ने 5 वर्षों में भी इतना धान नहीं खरीदा था, जितना धान 3 वर्ष में कांग्रेस की सरकार ने खरीदा है। रमन सिंह जी किस मुंह से कांग्रेस सरकार पर धान खरीदी को लेकर आरोप लगाते है? भाजपा सरकार ने 15 वर्षो में धान खरीदी के आंकड़ों को जारी करते हुये प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की रमन सिंह सरकार ने तो औसत 50 लाख टन धान ही प्रति वर्ष खरीदा है। 85 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान औसत प्रतिवर्ष  2500 रू. समर्थन मूल्य में खरीदने वाली कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ भाजपा के बयान सीधे-सीधे जनता की आंखो में धूल झोकने की कोशिश है। धान खरीदी पर भाजपा किस मुंह से बोल रही है? भाजपा को किसानों और ग्रामीण मतदाताओं अब कभी समर्थन नहीं मिल सकता क्योंकि छत्तीसगढ़ के गांवों के लोग मजदूर किसान भाजपा के किसान विरोधी, गरीब विरोधी चरित्र, मजदूर विरोधी चरित्र को बखूबी समझ चुके है। त्रिवेदी ने कहा है कि जिस भाजपा की सरकार ने 15 वर्ष में कभी इतना धान नहीं खरीदा, जितना धान पिछले साल 2018-19, 2019-20 में और इस साल 2020-21 में भी कांग्रेस सरकार ने खरीदा है। भाजपा ने 2013 के घोषणा पत्र में कहा था कि 2100 रू. समर्थन मूल्य देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था कि 5 साल तक 300 रू. बोनस देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था एक-एक दाना धान खरीदेंगे, नहीं खरीदा। भाजपा ने कहा था 5 हार्सपावर पंपों को मुफ्त बिजली देंगे, नहीं दी। भाजपा ने कहा था कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशे लागू करेंगे, किसानों को फसल की लागत पर डेढ़ गुना जोड़कर दाम देंगे, नहीं दिया। भाजपा ने कहा था 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करेंगे, अभी तक किसानों की आय बढ़ाने के लिये कुछ भी नहीं किया। त्रिवेदी ने कहा है कि किसानों को 2500 रू. धान का दाम देने का काम कांग्रेस ने किया है। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 2013 के घोषणा पत्र में कहा था कि 2100 रू. समर्थन मूल्य देंगे, 300 रू. बोनस देंगे। 2100 रू. धान का दाम भाजपा सरकार में कभी नहीं मिला। 300 रू. बोनस 5 साल नहीं दिया गया। भाजपा ने तो हमेशा किसानों के साथ धोखाधड़ी ही की है। भाजपा किसान हितैषी बनने का स्वांग रचती रही है और किसानों के लिये घड़ियाली आंसू बहाती है। भाजपा के किसान विरोधी चरित्र को छत्तीसगढ़ के किसान बखूबी जानते, समझते है।

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