हेंडपम्प से लाना नहीं पड़ता पानी, घर पर ही टेप नल से मिल रहा शुद्ध पेयजल

००जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक गांव के हर एक घर को मिलेगा योजना का लाभ
बिलासपुर| ग्राम गड़रियापारा की महिलाओं के चेहरे पर खुशी झलक रही है क्योंकि अब उनके घर पर ही टेप नल लगा दिये गये हैं।सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के अंतर्गत तखतपुर विकासखंड के लाखासार ग्राम पंचायत के गड़रियापारा में सोलर पम्प के जरिये घर.घर टेप नल से पानी पहुंचाने की सुविधा दी जा रही है। इस योजना से लाभान्वित मीनाक्षी पॉलए जोविधा पॉलए अंजनी पॉल ने कहा कि पहले उन्हें गली में लगे सार्वजनिक हेंडपम्प से पानी लाना पड़ता थाए और घर तक ढोकर लाने में परेशानी होती थी। कई बार भीड़ होने के कारण लाइन भी लगाना पड़ता था। वर्षाऋतु में परेशानी और बढ़ जाती थी। हमारे छोटे बच्चे हैंए जिन्हें घर पर छोड़कर जाना पड़ता था। अब हमारे घर पर ही सरकार ने मुफ्त में टेप नल लगाकर दे दिया है। इससे हमें बहुत राहत मिली है। ग्राम के ही दिलहरण और सीताराम का कहना है कि टेप नल घर में लग जाने से हमारे समय की बचत हो रही हैए जिससे काम पर निकलने और घर की देखभाल करने में सुविधा हो रही है।
गड़रियापारा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 23ण्26 लाख की लागत से सोलर नल जल योजना का कार्य हो रहा है। इस गांव की जनसंख्या 244 है। यहां के 30 में 13 घरों में नल स्थापित किये जा चुके हैंए शेष में काम चल रहा है।
ग्राम पंचायत लाखासार में 1 करोड़ 6 लाख 99 हजार रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग की जा रही है जिसके तहत 80 किलोलीटर व 75 किलोलीटर क्षमता के दो ओवरहेड टैंक बनाये गये हैं।यहां दो जोन बनाकर पाइप लाइन का विस्तार भी किया जा रहा है। इससे लाखासार के 401 घरों में टेप नल से पानी पहुंचेगा।
इस वर्ष 1 लाख घरों में टेप नल :-लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता ने बताया कि अभी तक केवल शहरी क्षेत्रों में नल जल योजना से पेयजल उपलब्ध होता था। जल जीवन मिशन सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना हैए जिसके तहत दूरदराज के गांवों में लोगों को पीने के लिये साफ पानी उनके घर तक कनेक्शन देकर पहुंचाया जा रहा है। योजना के तहत जिले के प्रत्येक गांव के हर एक घर में नल कनेक्शन दिया जायेगा। अगले वर्ष मार्च माह तक एक लाख घरों में कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है और अभी तक 4 हजार घरों के भीतर नल कनेक्शन दिये जा चुके हैं। ये कनेक्शन स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी दिये जा रहे हैं।
पानी की शुद्धता की नियमित जांच होगी :-विभाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि योजना के तहत गांवों में पेयजल परीक्षण भी किया जा रहा है। सामान्य जल का पीएच वेल्यू 7 होता है यदि इससे नीचे होता है तो उसे पीने से मना किया जाता है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जायेगी और शुद्ध पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी।

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