प्राथमिक स्कूलों में ‘गढ़बो नवा भविष्य’ कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त से

०० बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ अब व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा

रायपुर| छत्तीसगढ़ के सभी प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ अब व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा। उन्हें अपने समाज और अपने आस-पास की व्यवहारिक बाते भी सिखाई जाएंगी। इसके लिए गढ़बो नवा भविष्य कार्यक्रम की शुरूआत 15 अगस्त से सभी प्राथमिक स्कूलों में की जा रही है।
गढ़बो नवा भविष्य कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली बच्चों को समाज में विभिन्न कार्यो और व्यावसायों से जुड़े लोगों की पहचान करायी जाएगी। शिक्षक इन व्यवसायों से जुड़ी बातों और व्यवहारिक जानकारियां कहानियों के माध्यम से बच्चों को देंगे। पुस्तकीय ज्ञान और व्यावहारिक ज्ञान दोनों ही बाते बच्चों को मिलने से उनमें अध्ययन के प्रति रूचि जगेगी। बच्चों को कक्षा में सिखाई गई बातों को अपने बड़े भाई-बहन या पालकों का सहयोग लेकर इस पुस्तक में दिए गए विभिन्न व्यवसायों के बारे में चित्र को देखकर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा सभी शिक्षकों को इस कार्यक्रम की गतिविधियों का अभिलेख तैयार करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। उल्लेखनीय है कि कोरबा जिले में ब्रुनेई विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि बच्चे अपने आस-पास के वातावरण से नई-नई जानकारी रूचि के साथ सीखते हैं। इस अध्ययन के आधार पर राज्य में प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों को विभिन्न व्यवसायों की जानकारी देने के उद्देश्य से इस सत्र में प्राथमिक शालाओं में बच्चों एवं शिक्षकों के लिए ‘गढ़बो नवा भविष्य’ के नाम से सामग्री मुद्रित कर उपलब्ध कराई गई हैं।

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