भाजपा की सरकारे नहीं चाहती कि झीरम कांड के आपराधिक राजनितिक षड्यंत्र की जांच हो सके : शैलेष नितिन त्रिवेदी

रायपुर। झीरम कांड की जांच पर उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार की एजेंसी एनआईए द्वारा फिर से कागजात प्रस्तुत न करने और समय आगे बढ़ाने के लिए आवेदन देने और तिथि आगे बढ़ाए जाने पर प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है की 2013 से लेकर 2018 तक भाजपा की रमन सिंह सरकार ने और केंद्र की मोदी सरकार ने 2014 के बाद से आज तक झीरम घाटी में हुए कांग्रेस नेताओं की पूरी पीढ़ी के नरसंहार के आपराधिक राजनैतिक षड्यंत्र की जांच को बाधित करने का ही काम किया है। 2013 से 2018 तक रमन सिंह सरकार के द्वारा नियुक्त किए गए नोडल ऑफिसर ने एनआईए के साथ सहयोग नहीं करके झीरम कांड की जांच को बाधित करने का काम किया।

2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए भाजपा के उस समय घोषित प्रधानमंत्री कैंडिडेट और देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धमतरी की चुनावी सभा में कहां था कि भाजपा की सरकार बनने के बाद झीरम घाटी के कांड की जांच की जाएगी और झीरम के हत्यारों को सजा दिलाने का काम भाजपा की केंद्र सरकार करेगी। केंद्र में भाजपा और मोदी जी की सरकार बन गई लेकिन केंद्र सरकार की एजेंसी एनआईए हर बार छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा झीरम घाटी कांड की जांच को बाधित कर आने के लिए न्यायालय की शरण में जाती है। कागजात ना देकर और विभिन्न कानूनी तकनीकी पहलुओं के द्वारा झीरम की जांच और झीरम के अपराधियों की पहचान और उनको सजा दिलाने में व्यवधान डालने का काम भाजपा की केंद्र सरकार की एजेंसी एनआईए के द्वारा किया जा रहा है। कांग्रेस ने पूछा है कि आखिर झीरम के आपराधिक राजनीतिक षड्यंत्र को भाजपा क्यों उजागर नहीं होने देना चाहती है ? यह तो पूरा छत्तीसगढ़ जानता है कि झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादियों का हमला उसी जगह हुआ जहां पर रमन सिंह सरकार ने सुरक्षा नहीं दी थी। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है की अब यह शीशे की तरह साफ हो गया है की झीरम के आपराधिक राजनैतिक षड्यंत्र के वास्तविक आरोपियों को बचाने में भाजपा की सरकारें लगी रही और लगी हुई हैं।

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