केंद्र के तानाशाह सरकार ने सदन की गरिमा को किया तार-तार : वंदना राजपूत

00 सदन में महिला सांसदों का अपमान बहुत ही निंदनीय
रायपुर। राज्यसभा संसद मे महिला सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की घटना को प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने बहुत ही निंदनीय एवं शर्मनाक घटना बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के महिला विरोधी चरित्र का ये जीताजागता सबूत है जिसे देश की 139 करोड़ की जनता ने देखा है। आज देश की राजधानी दिल्ली में नारी शक्ति का अपमान हुआ। महिला सांसदों के साथ ऐसा अपमान संसद में हो सकता है तो सामान्य महिलाओं के साथ कितना अत्याचार होता होगा।

राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम को संसद में मार्शल द्वारा धक्का दिया गया जिससे वह नीचे गिर गई हाथ व पैर में मोच आ गई है। भाजपा का यही असली चेहरा है महिलाओं का अपमान करना। इस घटना को इतिहास कभी भूल नहीं पायेगा। भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की हत्या कर दी है। लोकतंत्र में जनता को प्रभु की मूरत माना जाता है और संसद को लोकतंत्र का मंदिर लेकिन जब लोकतंत्र के मंदिर में पुजारी की जगह पांखडी बैठ जाएं और जनता जनार्दन के ऊपर जुल्म करें। यदि जनता के हित की बात करो तो देशद्रोही का नाम दिया जाता है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि देश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही चल रही है। सरकार नए-नए तरीकों से तानाशाही रूख ऐसी योजनाओं को जनता पर थोप रही है जिससे लोगों को कोई फायदा नहीं होने वाला है। रमन राज में भी महिलाओं एवं बच्चियों के साथ बहुत सारे अनाचार एवं अत्याचार हुए है।

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