हम भी ईंट का जवाब पत्थर से देने लगे तो क्या होगा, भाजपा नेताओं को दनादन का शौक है तो मोदी के पास दिल्ली जाएं : कांग्रेस

०० भाजपा नेताओं की ओर से सरकार को आंदोलन की चेतावनी और ईंट से ईंट बजाने की चुनौती से भड़की कांग्रेस

रायपुर| भाजपा नेताओं बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत की ओर से सरकार को आंदोलन की चेतावनी और ईंट से ईंट बजाने की चुनौती से कांग्रेस भड़क उठी है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन ने आज कहा, भाजपा नेता जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह टकराव की भाषा है। अगर हम भी कहने लगे कि ईंट का जवाब पत्थर से देंगे तो क्या होगा?

कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में प्रेस से बात करते हुए गिरीश देवांगन ने कहा, भाजपा के 15 साल के शासन में 90% वृद्धि बिजली की दरों में हुई थी। यानी 6% प्रति वर्ष। अब ये लोग 1.1% प्रतिवर्ष मात्र विद्युत शुल्क बढ़ाने वाली सरकार से ईंट से ईंट बजाने की बातें करके अपनी फितरत और चाल चरित्र प्रमाणित कर रहे हैं। पहले आवेदन फिर निवेदन और फिर दे दना दन की बात करने वाली भाजपा को दनादन करने का शौक है तो दे दना दन करने के लिए मोदी जी के पास दिल्ली जाएं। क्योंकि बिजली में मूल्य वृद्धि के लिए सारे कारक मोदी सरकार द्वारा बढ़ाए जा रहे हैं।भाजपा सरकार में मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत जिस भाषा का प्रयोग कर रहे हैं ऐसी टकराव की भाषा राजनीति में शोभा नहीं देती। यह भाजपा की बौखलाहट का परिणाम है। 1822 करोड़ की बिजली बिल हाफ, 39 लाख उपभोक्ताओं आमजनों के पास भाजपा के नेता नहीं पचा पा रहे हैं। गिरीश देवांगन ने कहा, हम भी कहने लगे कि ईंट का जवाब पत्थर से देंगे तो क्या होगा? लेकिन ऐसा नहीं है, हमारा सिर्फ एक ही एजेण्डा है, पुरखों के सपनों के छत्तीसगढ़ का निर्माण, छत्तीसगढ़ का विकास, किसान मजदूर-व्यापारी सबकी खुशहाली। गिरीेश देवांगन ने कहा, बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत दिल्ली जाकर मोदी जी के साथ दे दना दन करें। पूर्व में भी वर्ष 2000 में जब मोदी जी भाजपा विधायक दल का नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक बनकर रायपुर आए थे तो उनके साथ यहां जो दे दना दन हुई है उसे वे भूले भी नहीं होंगे। बृजमोहन जी और राजेश मूणत जी यदि दनादन करना चाहते हैं तो दिल्ली जाकर दे दनादन करें। कैंडल मार्च निकालें। गिरीश देवांगन ने कहा, भाजपा की प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी कहती हैं कि विकास पर चुनाव लड़ेंगे चेहरों पर नहीं। लेकिन छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता विकास की नहीं चेहरों की बात करते हैं। एक नेता पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह भी खुद को एक चेहरा कहते हैं। ये दो पूर्व मंत्री भी विकास के मुद्दे के बजाय ईंट से ईंट बजाने की बात करते हैं। यह भी चेहरा बनने की कोशिश है। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में भाजपा दिशाहीन हो चुकी है। छत्तीसगढ़ के हितों का विरोध मजदूर, किसान, व्यापारी, ग्रामीण, शहरी नागरिकों के हितों का विरोध ही भाजपा का चरित्र बन चुका है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीेश देवांगन और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा, बिजली बिल हाफ योजना के तहत जो बिजली की दरें हैं उसका भी 50% ही लिया जा रहा है। यह देश में आम बिजली उपभोक्ता के लिए सबसे सस्ती दरों में से एक है। देश में सबसे सस्ती बिजली आम उपभोक्ता को छत्तीसगढ़ में मिल रही है। भाजपा को चुनौती है कि उस भाजपा शासित राज्य का नाम बताएं जहां आम उपभोक्ता को छत्तीसगढ़ से सस्ती बिजली मिलती है। दोनों नेताओं ने फोरम ऑफ रेगुलेटरर्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बिजली दरों में वृद्धि का पूरा दोष केंद्र सरकार पर डाला। उन्होंने कहा, क्लीन एनर्जी सेस जून 2014 में 50 रुपए प्रति टन से मार्च 2016 तक 400 रुपए प्रति टन हो चुका है। यह वृद्धि केंद्र सरकार द्वारा की गयी है। कोयले की कीमतें केंद्र सरकार द्वारा ही 13 से 18% बढ़ा दी गयी है। केंद्र सरकार रेल भाड़ा लगातार बढ़ा रही है। जनवरी 2018 में 21% और नवंबर 2018 में 9% भाड़ा बढ़ाया गया। पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 2011-12 में 9 हजार करोड़ से बढ़कर ट्रांसमिशन चार्ज 39 हजार करोड़ हो चुका है। इन्हीं सब वजहों से पूरे देश में बिजली महंगी हो रही है।

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