विश्व प्रकृति संरक्षण साप्ताहिक अभियान में ग्रीन केयर सोसायटी ने किया विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

गीदम/दांतेवाड़ा| ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन , बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण, प्रकृति के अवैज्ञानिक एवं अनावश्यक दोहन के कारण आज हमारी प्रकृति असंतुलन में है। विभिन्न प्रजाति के पेड़ पौधे, वनस्पति, जीव जन्तु विलुप्त हो रहे हैं। इन विषयों के मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए प्रकृति संरक्षण हेतु ग्रीन केयर सोसायटी इंडिया बागबाहरा द्वारा 28 जुलाई विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाते हुए “लोगों और धरती केलिए जंगल व आजीविका बनाए रखना” विषय पर एक सप्ताह का कार्यक्रम किया गया है।

संस्था के अध्यक्ष विश्वनाथ पाणिग्रही एवं डायरेक्टर अमुजुरी बिश्वनाथ ने विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी की वर्ष 2021 के लिए ग्रीन केयर सोसायटी इंडिया के पदाधिकारियों व सद्स्यों ने छत्तीसगढ़ में अलग अलग जगह पर “वन से जल, जल से अन्न, अन्न से जीवन” इस तरह आजीविका केलिए जल – जांगल – जमीन का विशुद्ध रूप प्रकृति सरंक्षण जागरुकता अभियान निस्वार्थ सेवा भाव से किया है। पौधारोपण, वृक्ष सेवा व संरक्षण, पशु पक्षी सरंक्षण, प्रकृति सरंक्षण जागरुकता, चित्रकला प्रतियोगिता आदि का भिन्न भिन्न स्थानों में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कड़ी मेंं वर्ल्ड नेचर कंजरवेशन के संदर्भ में सर्व प्रथम प्रतिभा पब्लिक स्कूल पतेरापली बागबाहरा में पूज्य गुरुदेव श्री बाबा स्वेतांबर दास जी महाराज वैद्यनाथ के कर कमलों से प्रथम पौधारोपण अभियान का शुभारंभ कर 250 पौधों का रोपण किया गया। द्वितीय चरण में विश्वनाथ पाणिग्रही ने छिपको की तर्ज पर बक्सवहा मध्य प्रदेश में हीरा खदान के लिए काटे जाने वाले 250000 प्राकृतिक वृक्षों को न काटने की अपील की। तृतीय चरण में अमुजूरी बिश्वनाथ ने जावंगा दंतेवाड़ा में पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के चौथे चरण में पंडित भागीरथी दुबे ने गौमाता की सुरक्षा की दृष्टि से गायों के गले में ग्रीन केयर का रेडियम पट्टी पहनाया, साथ ही चार पानी की व्यवस्था के साथ गौमाता के सेवा एवं संवर्धन के लिए सड़कों में वृक्षों पर पोस्टर लगाए। कार्यक्रम के पंचम व छठा चरण में वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं विलुप्त हो रहे पौधा वनस्पति के लिए जनजागरण के उद्देश्य में छात्रों ने चित्रकाला प्रतियोगिता में शामिल हुए। सातवा चारण में पौधारोपण की तकनीकी विधि का वीडियो जारी कर जागरुकता करते हुए एक सप्ताह का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में संस्था के सदस्य ईश्वरी प्रसाद नायक, कुणाल सिंह सेनापति, रुद्र विजय उदगिरवार, अजय सोढ़ी, डॉ विकाश अग्रवाल, विष्णु महामंद, प्रवीण खरे, टिकेश्वर मिश्रा शामिल हुए।

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