भाजपा और रमन सिंह आमने-सामने : कांग्रेस

पार्टी कह रही है बिना चेहरे के लड़ेगी चुनाव, रमन सिंह कह रहे है मैं भी एक चेहरा

जनता से नकारे जाने के बाद पार्टी में भी नहीं बचा पा रहे है अपना अस्तित्व
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने आज कहा कि वे भी एक चेहरा है। जबकि भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी, शिवप्रकाश पहले ही स्पष्ट कर चुके है कि पार्टी बिना चेहरे की चुनाव लड़ेगी। ऐसे स्थिति में रमन सिंह का यह बयान कि “मैं भी एक चेहरा हूं” अपने आप को मार्गदर्शक मंडल में भेजे जाने से बचाने की कोशिश दिखती है। पार्टी और रमन सिंह अब आमने-सामने आ चुके है। रमन सिंह का यह बयान सिर्फ अपने अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद है। रमन सिंह जी मार्गदर्शक मंडल में अडवाणी के साथ भेजे जाने से अपने आप को बचाने की कोशिश कर रहे है। इसी कोशिश के चलते उन्होंने यह पार्टी के स्टैण्ड के खिलाफ यह बयान दिया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह अब आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के साथ कतार में खड़े है। विधानसभा चुनाव में रमन सिंह के चेहरे को छत्तीसगढ़ की जनता ने पहले ही नकार दिया है अब भाजपा भी बिना चेहरा के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर एक प्रकार से रमन सिंह के चेहरे से किनारा कर दिया है। अब रमन सिंह अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए भाजपा के द्वारा नकारे जाने के बाद भी खुद के चेहरे को चेहरा बता रहे हैं। भाजपा में अब रमन सिंह अब स्वंयम्भू नेता रह गये है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के ढाई साल के कार्यकाल के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दाविहीन हो चुकी है।

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