कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह ने फिर दिया विवादित बयान, कहा “सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी समाज है  अंगूठा छाप”

०० भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा और सर्व आदिवासी समाज ने खोला विधायक के खिलाफ मोर्चा

रायपुर| कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह पिछले दो सप्ताह से लगातार विवादों में हैं। अब उन्होंने सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी समाज को अंगूठा छाप बता दिया है। इसके बाद भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा और सर्व आदिवासी समाज ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों संगठनों ने कांग्रेस विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग की है। रामानुजगंज से विधायक बृहस्पत सिंह बिलासपुर में मीडिया से बात कर रहे थे।

विधायक बृहस्पत सिंह से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर लगाए गए आरोपों को लेकर पत्रकार ने सवाल किया था। इसके बाद वह भड़क गए। कहा, ‘आप पत्रकार हैं, बुद्धिजीवी हैं, पढ़े-लिखे हैं। हमारे सरगुजा के अंगूठा छाप आदिवासियों की तरह प्रश्न पूछना उचित नहीं समझता हूं। मेरे काफिले पर हुए हमले के बाद FIR कराने, आरोप लगाने और सदन में आए बयान को सभी ने देखा-सुना है। ऐसे में यह प्रश्न मैं उचित नहीं समझता हूं। अगर आपको किसी ने सिखाकर भेजा है तो अपने दिमागी हालत थोड़ी ठीक कर लीजिए, फिर प्रश्न करिए।’बयान सामने आने के बाद प्रदेश में आदिवासियों को लेकर राजनीति गरमा गई है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा, बृहस्पत सिंह ने सरगुजा के आदिवासी समाज को अपमानित किया है। इस पर पूरे प्रदेश के आदिवासी समाज को कड़ी आपत्ति है। समाज उनकी इस भाषा से आहत महसूस कर रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा, ’48 घंटे के अंदर यदि विधायक बृहस्पत सिंह ने आदिवासी समाज से सार्वजनिक माफी नहीं मांगी तो भाजपा अजजा मोर्चा पूरे सरगुजा संभाग में उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेगा।’भाजपा अजजा मोर्चा के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा, बृहस्पत सिंह जिस रामानुजगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं, वो भी आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीट है। वहां सबसे अधिक मतदाता आदिवासी हैं। विधायक अपने अशोभनीय शब्दों से अपने मतदाताओं के विश्वास की हत्या कर रहें है। विधायक जैसे सम्माननीय पद पर बैठे व्यक्ति का इस प्रकार का बेतुका बयान आदिवासी समाज में स्थापित शांति – सौहाद्रपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने की दिशा में उठाया गया आत्मघाती कदम है, जिसके जिम्मेदार स्वयं बृहस्पत सिंह होंगे।

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