त्रिपुरा में कांग्रेस पर दलबदल का गहराया संकट, एआईसीसी ने सिंहदेव को भेजा त्रिपुरा

रायपुर| छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव आज शाम पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा की दो दिनी यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। दरअसल त्रिपुरा में कांग्रेस पर दलबदल का संकट गहरा रहा है ऐसे में एआईसीसी ने सिंहदेव को उसके समाधान के लिए वहां जाने को कहा है। सिंहदेव के पास त्रिपुरा कांग्रेस का प्रभार है।

बताया जा रहा है, 2023 में त्रिपुरा विधानसभा में भी चुनाव होना है। दशकों तक वाम राजनीति के गढ़ रहे त्रिपुरा में अभी भाजपा का शासन है। विधानसभा में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। हालांकि आदिवासी क्षेत्रों में कांग्रेस का आधार है। अभी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस त्रिपुरा में सक्रिय हुई है। कहा जा रहा है, मुकुल राय को त्रिपुरा अभियान का प्रभारी बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, “पता चला है कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के लोग कांग्रेस के लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। एआईसीसी की ओर से उन्हें वहां की यथास्थिति की जानकारी लेने और पार्टी नेताओं को जरूरी सहयोग देने को कहा गया है।’ सिंहदेव ने कहा, “अविनाश पाण्डेय वहां जा रहे हैं, उनके साथ मुझे भी जाने को कहा गया है।’ टीएस सिंहदेव आज शाम की नियमित उड़ान से कोलकाता जाएंगे। रात को वे कोलकाता में रुकेंगे। स्थानीय नेताओं से मुलाकात और चर्चा करेंगे। कल सुबह सुबह वे अगरतला पहुंचेंगे। वहां प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक होगी। वरिष्ठ नेताओं-कार्यकर्ताआें से अलग-अलग भी चर्चा होगी। रात में वे अगरतला में ही रुकेंगे। मंगलवार की सुबह वे दिल्ली पहुंचेंगे। वहां भी पार्टी नेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम है। ज्ञात हो कि कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के लगाए आरोपों और छत्तीसगढ़ सरकार में मचे बड़े हंगामे के बाद सिंहदेव का यह पहला दिल्ली दौरा हो रहा है। इसको लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी काफी चर्चा है। विवाद के दौरान सिंहदेव ने इस बात से इन्कार किया था कि वे हाईकमान के संपर्क में हैं। उन्होंने केवल प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से बातचीत की बात कही थी। अब जब सिंहदेव मंगलवार को खुद दिल्ली में होंगे तो प्रदेश की राजनीतिक धड़कन बढ़ी ही रहेगी।

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