रायपुर| स्कूल शिक्षा विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में ‘कोविड महामारी के दौरान संचालित मोहल्ला कक्षाओं के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल’ विषय पर आज वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिह टेकाम द्वारा शिक्षकों को अपने मोहल्ला कक्षाओं के संचालन के दौरान सावधानी बरतने एवं सुरक्षा संबंधी सभी उपायों का कडाई से पालन करने के निर्देश दिए।
सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. कमलप्रीत सिंह ने शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों को दूरी बनाकर, मास्क पहनकर आने पर जोर देते हुए सभी शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ को तुरंत वैक्सीन लगाने की अपील की। राज्य प्रमुख यूनिसेफ छत्तीसगढ़ डॉ. जॉब जकारिया ने इस मौके पर शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों को मोहल्ला कक्षा में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एक शोध का हवाला देते हुए बताया कि यदि कोई विद्यार्थी एक माह कक्षा में अनुपस्थित रहें तो उन्हें दो माह का सीखने में नुकसान अर्थात लर्निंग लोस होता है। वेबीनार में बच्चों के लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार, मोहल्ला कक्षाओं के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और शिक्षकों की भूमिका विषय पर यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ और जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ, ऑफिसर, परामर्शी के द्वारा विस्तार से चर्चा की गयी। स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गजेन्द्र सिंह द्वार बच्चों के लिए कोविड उपयुक्त व्यवहार, श्वेता पटनायक एवं बिराजा कबी सतपति, जल और स्वच्छता प्रभारी द्वारा मोहल्ला कक्षाओं में सुरक्षा प्रोटोकाल और शिक्षकों की भूमिका पर चर्चा की गई। उन्होंने सौ दिनों के भीतर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग द्वारा पाइप से नल द्वारा जल दिए जाने वाली योजना का लाभ सभी विद्यालयों को लेने का सुझाव दिया। इस कार्यक्रम के लिए राज्य से चयनित 4 शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों श्री मोहनलाल जायसवाल कांकेर, श्रीमती सरिता सिंह सरगुजा, श्री चन्द्रकांत साहू दुर्ग एवं श्री सी आर देवांगन कांकेर द्वारा मोहल्ला कक्षा में किये जाने वाले सुरक्षा उपाय पर अपने अनुभव भी साझा किए। लगभग डेढ़ घंटे तक संचालित इस वेबीनार में राज्य के लगभग 1,000 शालाओं के शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों ने भाग लिया। कोविड महामारी के कारण बंद स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों द्वारा मोहल्ला कक्षा का संचालन किया जा रहा है। मोहल्ला कक्षा कोरोना से बचाव के लिए एक साथ भीड़ न करके गांव में अलग-अलग स्थानों पर सीमित संख्या में छात्रों के लिए शिक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था है। शिक्षक, प्रधानाध्यापक अपने स्तर से मोहल्ला कक्षा में कोविड अनुरूप व्यवस्था बनाने हेतु प्रशंसनीय कार्य कर रहें हैं और बच्चों को कोविड अनुरूपव्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वेबीनार के दौरान यूनिसेफ द्वारा एक लघु वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें कठपुतली के माध्यम से हाथ धोना समझाया गया। कार्यक्रम के दौरान ही स्कूल शिक्षा सचिव श्री कमलप्रीत के निर्देशानुसार टीकाकरण संकलन संबंधी जानकारी को दो हजार से अधिक शिक्षकों ने भरा। इसे गूगल लिंक के माध्यम से साझा किया गया है, जिसे एक दो दिनों में राज्य के सभी शासकीय, निजी एवं अनुदान प्राप्त शिक्षकों एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ एवं शिक्षा विभाग के समस्त अमले से भरवाया जाना है। कार्यक्रम का संचालन एवं तैयारी समग्र शिक्षा के डॉ. एम. सुधीश एवं यूनिसेफ के श्री आशीष द्वारा की गयी। वेबीनार के अंत में श्री आशीष गौतम सभी का आभार जताया।