मंत्री अकबर के प्रयासों से किसानों की वर्षों की मांग हुई पूरी: खेतों में सिंचाई के लिए मिलेगा पर्याप्त पानी

०० सात गांवों के लगभग 750 किसानों के 250 हेक्टेयर खेतों तक खरीफ सिंचाई के लिए पहुंचेगा पानी
०० भोरमदेव सकरी फीडर योजना से नहर में गाद सफाई और सुधार कार्य सेे ग्रामीणों को मिला रोजगार

रायपुर| आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के प्रयासों ंसे कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के सात गांवों के लगभग 750 किसानों के 250 हेक्टेयर खेतों में खरीफ सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा। मंत्री श्री अकबर ने क्षेत्र के किसानों की मांगों को विशेष ध्यान में रखते हुए अनुशंसा कर भोरमदेव सकरी फीडर योजना के तहत नहर से गाद सफाई और बैंक सुधार कार्य के लिए 19 लाख 22 हजार रुपए की मनरेगा के तहत प्रशासकीय स्वीकृति दिलाई है। इसके तहत ग्राम चौरा से खिरसाली तक नहर सुधार कार्य स्वीकृत किया गया है जिसमें 13 लाख 10 हजार रुपए मजदूरी पर एवं 6 लाख 12 हजार रुपए सामग्री पर व्यय किया जाएगा।
श्री अकबर द्वारा इस कार्य के निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने पहुंचकर अपनी वर्षों से लंबित मांग पूरी होने पर खुशी जाहिर करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि नहर का काम शुरू होने से ग्रामीणों को रोजगार भी मिलने लगा है। श्री अकबर ने भी नहर कार्य की प्रगति को देखकर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अब किसानों को खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इस दौरान क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला के ग्राम छपरी, खिरसाली, बद्दो, लाटा, भागूटोला एवं रघ्घुपारा के ग्रामीणों की पुरानी मांग रही है कि उनके क्षेत्र में नहर से कृषि कार्य के लिए पानी की उपलब्धता हो, लेकिन पूर्व से निर्मित 1800 मीटर नहर में गाद भर जाने तथा नहर की लंबाई अधिक नहीं होने के कारण ग्रामीणों की यह मांग कई वर्षों से अधूरी रही है। अब तीन किलोमीटर 6 सौ मीटर के क्षेत्र में होने वाले इस कार्य में अट्ठारह सौ मीटर पक्की लाइनिंग और गाद की सफाई का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही अट्ठारह सौ मीटर में कच्चा लाइनिंग कार्य करते हुए छपरी डायवर्सन के पास सुधार किया जाएगा। मनरेगा से 13 लाख 10 हजार रुपए मजदूरी पर एवं 6 लाख 12 हजार रुपए सामग्री पर व्यय होना प्रस्तावित है। जलसंधान विभाग के अधिकारी श्री दिनेश भगोरिया ने बताया की माह मई से शुरू हुआ यह काम प्रगतिरत है। इस कार्य मे अब तक 934 मानव दिवस रोजगार का सृजन करते हुए 1 लाख 18 हजार रुपए मजदूरी ग्रामीणों को दी गई है।

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