छत्तीसगढ के कुपोषण मुक्ति अभियान में वजन त्यौहार की अहम भूमिका : श्रीमती भेंड़िया  

०० महिला एवं बाल विकास मंत्री ने की अपील-वजन त्यौहार में पांच वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी लाकर उनके पोषण स्तर की जांच अवश्य कराएं

रायपुर| महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने कल 7 जुलाई से प्रदेश में शुरू हो रहे वनज त्यौहार में प्रदेशवासियों से अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी लाकर उनके पोषण स्तर की जांच कराने की अपील की है। श्रीमती भेंड़िया ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कुपोषण मुक्ति अभियान में वजन त्यौहार की अहम भूमिका है।

इस साल कोविड-19 के सुरक्षा मानकों का पालन करते 7 से 16 जुलाई तक प्रदेश में वजन त्यौहार मनाया जाएगा। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्र में आने वाली 11 से 18 वर्ष की सभी किशोरी बालिकाओं से भी कहा है कि आंगनबाड़ी आकर अपना हीमोग्लोबिन और बीएमआई टेस्ट करवाएं। जिससे सही समय पर उनमें एनीमिया के स्तर का पता कर नियंत्रण किया जा सके। जिससे वे भविष्य में स्वाथ्य संबंधी परेशानियों से बच पाएंगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और समुदाय का भी वजन त्यौहार में सक्रिय सहभागिता के लिए आह्वान किया है। श्रीमती भेंड़िया ने कहा है कि वजन त्यौहार में बच्चों के आयु के आधार पर उनके वजन, ऊंचाई के आधार पर ऑनलाईन सॉफ्टवेयर के माध्यम से पोषण स्तर ज्ञात किया जाता है। इससे कुपोषित बच्चों की स्थिति का डाटाबेस तैयार हो जाता है। इससे कुपोषण कम करने की कार्ययोजना बनाने में मदद मिलती है। श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि सभी बच्चों के वजन से ही प्रदेश में उनका वास्तविक पोषण स्तर पता किया जा सकता है, इसके लिए प्रत्येक गांव और नगर के लोग वजन उत्सव में सक्रिय भागीदारी निभाएं जिससे कुपोषण-मुक्त स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

error: Content is protected !!