वन विकास निगम के अध्यक्ष ने बताया कि निगम द्वारा संपादित किये जा रहे कार्यों से राज्य के वनांचल में रहने वाले वनवासियों एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के ग्रामीणों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु उन्हें सतत् रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। निगम द्वारा बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्थान से कोई ऋण नहीं लिया गया है, न ही निगम को राज्य शासन से कोई अनुदान प्राप्त होता है। वन विकास निगम राज्य में हरियाली के प्रसार एवं पर्यावरणीय विकास हेतु कृत संकल्प है। राज्य वन विकास  निगम के प्रबंध संचालक श्री पी.सी.पांडे ने निगम के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2019-20 में निगम द्वारा 1600 हेक्टेयर क्षेत्र में 40.60 लाख सागौन, बांस एवं मिश्रित प्रजाति के पौधे लगाए गए। वर्ष 2019-20 में निगम द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यावरण सुधार हेतु डिपाजिट रोपण योजना अंतर्गत विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों से प्राप्त राशि से 8.70 लाख मिश्रित प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2019-20 में निगम द्वारा हरियर छत्तीसगढ़ कोष अंतर्गत 5.69 लाख मिश्रित प्रजाति के पौधों को रोपण किया गया। वानिकी वर्ष में 2019-20 में 32164 घनमीटर ईमारती काष्ठ, 18113 नग जलाऊ चट्टा तथा 1354 नोशनल टन बांस का उत्पादन हुआ है।