बुनकरों को नियमित रोजगार दिलाने बनाएं विशेष कार्ययोजना: मंत्री गुरु रुद्रकुमार

०० ग्रामोद्योग मंत्री बुनकर सहकारी समितियों की समीक्षा बैठक में हुए शामिल

रायपुर| ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार आज राजधानी स्थित गांधी भवन छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के बैठक कक्ष में जांजगीर-चांपा जिले के बुनकर सहकारी समितियों के उत्पादन की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने बैठक में कोविड-19 के संक्रमण के कारण आई उत्पादन संबंधी समस्याओं को शीघ्र दूर कर बुनकरों को नियमित रोजगार दिलाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री द्वारा वस्त्रों का उत्पादन निर्धारित गुणवत्ता एवं समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ बुनकरों तक अधिकाधिक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर बुनकर समितियों द्वारा उत्पादन की जांच में रिजेक्ट वस्त्रों के निराकरण की भी मांग की गई, जिस पर मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने वस्त्र जांच में रिजेक्ट वस्त्रों के निराकरण के लिये एक सप्ताह में नीति तैयार करने के लिए संघ के अधिकारियों को निर्देशित किया।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बुनकर संघ के अध्यक्ष श्री मोतीलाल देवांगन एवं प्रबंध संचालक श्री राजेश सिंह राणा ने जांजगीर-चांपा जिले के 64 बुनकर सहकारी समितियों द्वारा किये जा रहे गणवेश वस्त्रों के उत्पादन की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सभी समितियों के पास पर्याप्त मात्रा में गणवेश का धागा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। संघ के अध्यक्ष श्री देवांगन ने सभी 38 बुनकर सहकारी समिति के प्रतिनिधियों को गणवेश वस्त्र का उत्पादन आगामी 15 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण यार्न एवं वस्त्र परिवहन में आ रही रुकावटों को भी शीघ्र निराकृत करने की बात कही। उन्होंने समितियों को स्वयं के वाहन से परिवहन किये जाने पर एक तरफ का ट्रांसपोर्ट किराया देने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर श्री देवांगन ने बुनकर प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बुनकर संघ रायपुर द्वारा शासकीय वस्त्र आपूर्ति के तहत स्कूल शिक्षा विभाग को प्रतिवर्ष लगभग 60 लाख सेेट गणवेश की आपूर्ति की जाती है। गणवेश वस्त्रों के लिए 252 बुनकर सहकारी समिति द्वारा लगभग एक करोड़ 46 लाख मीटर वस्त्र का उत्पादन किया जाता है। इससे लगभग 40 हजार बुनकरों को नियमित रोजगार प्राप्त होता है। उपरोक्त वस्त्रों के उत्पादन के लिए हाथकरघा संघ द्वारा बुनकर समितियों को उनके ग्राम में धागा पहुंचाकर तथा वहां से बने वस्त्र एकत्र कर प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से गणवेश वस्त्रों की सिलाई कर आपूर्ति की जाती है। बैठक में संघ के अध्यक्ष श्री देवांगन द्वारा मंत्री गुरू रूद्रकुमार को अवगत कराया गया कि राज्य के अधिकांश बुनकर आवासहीन हैं और कई बुनकरों के घर भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, जिससे उन्हें बुनाई कार्य करने का स्वच्छ वातावरण प्राप्त नहीं होता है। जिसके लिए उन्होंने हाथकरघा संघ द्वारा संचालित बुनकर आवास योजनांतर्गत सहायता राशि बुनकरों को स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया गया, जिस पर मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने पात्र बुनकरों को योजनांतर्गत सहायता राशि उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर हाथकरघा संघ में उत्पादन विपणन कर्मचारी तथा जांजगीर-चांपा जिले के जिला हाथकरघा अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अपेक्स प्रतिनिधि और बुनकर समिति के अध्यक्ष तथा हाथकरघा संघ के उपाध्यक्ष श्री विनोद देवांगन सहित संचालक सदस्य उपस्थित थे।

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