ज़मीन विवाद में न्याय नहीं मिलने पर किसान की आत्महत्या प्रदेश सरकार के किसान विरोधी चरित्र का एक और प्रमाण : भाजपा

0 किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की मांग- लाइन अटैच व निलंबित किया जाना नाकाफ़ीसभी पहलुओं की जाँच करके नायब तहसीलदार और पटवारी पर भी आपराधिक मुक़दमा दर्ज़ हो

बजाय हताश-पीड़ित किसानों की समस्या का त्वरित व समयबद्ध समाधान करने के प्रदेश सरकार और नौकरशाहों का इन मौतों को आपसी विवाद बताकर पल्ला झाड़ना शर्मनाक : जायसवाल

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने ज़मीन विवाद में न्याय नहीं मिलने के कारण  ग्राम मोहरेंगा के किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को प्रदेश सरकार के किसान विरोधी चरित्र का एक और प्रमाण बताया है। श्री जायसवाल ने मामले में नायब तहसीलदार और संबंधित पटवारी को क्रमश: लाइन अटैच व निलंबित किए जाने को नाकाफ़ी बताकर मामले के सभी पहलुओं की जाँच करके नायब तहसीलदार और पटवारी पर भी आपराधिक मुक़दमा दर्ज़ करने की मांग की है।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जायसवाल ने आत्महत्या की इस वारदात के मद्देनज़र प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि सैकड़ो किसानों की मौत के बाद भी प्रदेश सरकार किसानों के प्रति ज़रा भी संवेदनशील नहीं हुई है। बिलासपुर ज़िले में भी राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर एक किसान ने लगभग सालभर पहले आत्महत्या कर ली थी, लेकिन प्रदेश सरकार न तो किसानों को समय पर न्याय मुहैया कराने के प्रति गंभीर है और न ही अपने सरकारी अमलों में व्याप्त भ्रषटाचार को ख़त्म करने के लिए इच्छा शक्ति का प्रदर्शन कर रही है। श्री जायसवाल ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में आई है, किसानों के साथ क़दम-क़दम पर अन्याय का सिलसिला चल पड़ा है। प्रदेश सरकार के किसान विरोधी चरित्र के चलते प्रदेशभर में सैकड़ो किसानों द्वारा की गई आत्महत्या का अपराध-बोध प्रदेश सरकार को आख़िर कब होगा? श्री जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली किसानों को इतना हताश कर रही है कि वे आत्मघात के लिए विवश हो रहे हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की सियासी जुमलेबाजी से प्रदेश के हर वर्ग के साथ छल-कपट कर रही प्रदेश सरकार किसानों तक को न्याय नहीं दिला पा रही है। आज प्रदेश का कोई भी सरकारी अमला ऐसा नहीं रह गया है, जहाँ भ्रष्टाचार, घपलों-घोटालों की गूंज सुनाई न दे रही हो। हाल ही प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के रिश्तेदार किसान ने भी आत्महत्या कर ली थी। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जायसवाल ने कहा कि बजाय हताश-पीड़ित किसानों की सुध लेने और उनकी समस्या का त्वरित व समयबद्ध समाधान करने के प्रदेश सरकार और नौकरशाह आत्महत्या से हो रहीं हर मौतों को आपसी विवाद बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हक़ की राशि में डाका डालकर झूठी वाहवाही लूटने की ओछी प्रवृत्ति से बाज आए। गिरदावरी, धान ख़रीद का कोटा तय करके, धान बेचने के नाम पर किसानों को प्रताड़ना, धनहा खेती का रक़बा घटाना, राजीव गांधी के नाम पर न्याय योजना की आड़ में किसानों को अब 10 हज़ार रु. के बजाय 9 हज़ार रु. प्रति एकड़ देने की बात कहना किसानों के साथ घोर अन्याय है। श्री जायसवाल ने कहा कि धान ख़रीदी के नाम पर किसानों के साथ छलावा व धोखाधड़ी और अपने तुग़लक़ी फ़रमानों से किसानों के स्वाभिमान को लहूलुहान करके प्रदेश सरकार अब केंद्र सरकार द्वारा पिछले सत्रों में लगातार बढ़ाए गए समर्थन मूल्य का सीधा लाभ किसानों को नहीं दे रही है और जबकि केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य की ब.ढ़ी राशि को प्रदेश सरकार के घोषित 2500 रुपए में जोड़कर किसानों को आर्थिक लाभ पहुँचाना प्रदेश सरकार का दायित्व था। इस वर्ष ख़रीफ सत्र के लिए केंद्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1940 रु. कर दिया है तो प्रदेश सरकार तुरंत आगामी धान ख़रीद के लिए धान की क़ीमत 2700 रु. प्रति क्विंटल एकमुश्त देने की घोषणा करे।

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