कोरोना संक्रमित 10 जिलों में अनुभवी व विशेषज्ञ चिकित्सकों को तत्काल भेजे सरकार : भाजपा

0 भाजपा नेता सदस्य उपासने का प्रदेश सरकार पर हमला- तीसरी लहर की तैयारी के बजाय सरकार अनलॉक करने में लगी है; सवाल किया- प्रभारी सचिव व प्रभारी मंत्री आज तक क्यों नहीं गए अपने प्रभार ज़िलों में?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य व प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना के राष्ट्रीय महासचिव सच्चिदानंद उपासने ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन 10 जिलों में, जहां अभी भी संक्रमित मरीजों की संख्या में अन्य जिलों की तुलना में कमी नहीं आई है, तत्काल शहरी क्षेत्रों के अनुभवी व विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम संक्रमित ग्रामीण क्षेत्रों में भेजी जाए। श्री उपासने ने कहा कि आज  प्रदेश के बलौदाबाजार में 1350, रायगढ़ में 1960, कोरबा 1074,जांजगीर चांपा 1518, सरगुजा 1768 ,कोरिया 1267, सूरजपुर 1822, बलरामपुर 1185, जशपुर 1462 व बस्तर में 1265 मरीज संक्रमित पाए गए हैं,अतः आदिवासी व ग्रामीण जिलों में संक्रमण व मृत्यु की दर में पूर्णतया कमी नहीं दिखाई पड़ रही है ,यह सभी जिले आदिवासी व ग्रामीण बहुल जिलों की श्रेणी में आते हैं ।

भाजपा कार्य. सदस्य श्री उपासने ने कहा कि कोरोना संक्रमण की 18 माह की अवधि में विडंबना यह है कि इस प्रदेश के किसी भी जिले के प्रभारी मंत्री या प्रभारी सचिव ने अपने-अपने प्रभार जिलों की सुध नहीं ली और अपने प्रभार ज़िलों में जाकर संक्रमण की समीक्षा तक नहीं की, प्रवास करना तो दूर की बात है। जबकि केंद्र सरकार के सचिव स्तर के अधिकारियों ने प्रदेशों में जाकर स्थिति की समीक्षा की व तदनुसार उन राज्यों की स्थिति के अनुरूप केंद्र से भरपूर सहायता भी उपलब्ध कराई। श्री उपासने ने कहा कि दिल्ली व अन्य राज्यों, जहां स्थितियां राज्य सरकार के नियंत्रण से बाहर हो गई थी, में केंद्र सरकार ने संपूर्ण व्यवस्था अपने हाथों में लेकर वहां की व्यवस्थाओं को ठीक किया व संक्रमण को रोकने में पर सफलता भी प्राप्त की। श्री उपासने ने कहा कि राज्य सरकार व मंत्री केवल केंद्र सरकार व केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखने में ही मशगूल दिखाई पड़ते हैं। केंद्र सरकार ने 30 जून तक के लिए निर्देश दिया है कि राज्य सरकारें कोरोना संक्रमण को गंभीरता से लें व ज़रूरी समुचित व्यवस्थाएं करें, पहले केंद्र ने 31 मई तक के लिए निर्देश दिए थे। केंद्र सरकार लगातार राज्यों हेतु एडवाइजरी जारी कर रही है लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार उसकी अनदेखी कर रही है। उपासने ने चेताया कि यदि छत्तीसगढ़ के बच्चों में कोरोना होता है तो प्रदेश सरकार ही उसके लिए पूर्णतः ज़िम्मेदार होगी। रायपुर शहर में ही 14 वर्ष तक के बच्चों की संख्या पांच लाख से अधिक और 12 वर्ष तक के बच्चों की संख्या तीन लाख से अधिक है। ऐसी स्थिति में जब भी राजधानी में दूसरी लहर की तरह ही तीसरी लहर का संक्रमण फैलता है, तो वह अकल्पनीय रूप से भयावह होगी। श्री उपासने ने कहा कि पूरे प्रदेश की तो बात ही छोड़ दें, जबकि प्रदेश में बच्चों की संख्या 50 लाख से अधिक ही है। प्रदेश सरकार की लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमण शहर से गांव तक पूरी तरह फैल चुका है। एक ओर सरकार अनलॉक की ओर कदम बढ़ा रही है तो दूसरी तरफ बाज़ारों व सड़कों की भीड़ पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है । प्रदेश सरकार द्वारा जानबूझकर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वह निर्देश प्रदेश में केवल कागजों तक ही सीमित है। श्री उपासने ने कहा कि पहली लहर से दूसरी लहर, जो लगभग 45 दिनों की थी और बहुत ही भयानक थी, कोरोना संक्रमितों की संख्या प्रतिदिन 18 हज़ार से अधिक पहुंच चुकी थी व प्रतिदिन मरने वालों की संख्या 200 से अधिक हो गई थी। उपासने ने कहा कि राजधानी से लेकर अनेक ज़िलों के कलेक्टरों ने अपने अनुभव के अनुसार कोरोना पर नियंत्रण पाया और स्थिति को नियंत्रित किया। उनके पास पर्याप्त अनुभव था। केंद्र सरकार व स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की आशंका व्यक्त की है जो विशेष रूप से बच्चों को प्रभावित करेगी, ऐसी स्थिति में विभिन्न ज़िलों के कलेक्टरों को स्थानांतरित किया गया, जिन्होंने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण किया परन्तु अब जो नए कलेक्टर आएंगे, उन्हें समझने में कितना समय लगेगा, वह तीसरी लहर से कैसे निपटेंगे, यह विचारणीय विषय होगा। श्री उपासने ने कहा प्रदेश सरकार द्वारा कलेक्टरों के स्थानांतरण करने का यह उचित समय नहीं था। सरकार का यह निर्णय भी पूर्णतः अव्यावहारिक है। श्री उपासने ने कहा कि यदि संक्रमित 10 ज़िलों की स्थिति को तत्काल नियंत्रित नहीं किया गया, व्यवस्था नहीं बनाई गई और नियमों के पालन में कठोरता नहीं बरती गई तो अब जबकि लॉकडाउन लगभग पूरी तरह समाप्त ही हो गया है, आवागमन भी प्रारंभ हो गया है, तब यह संक्रमण प्रदेश में पुनः फैलने की पूरी आशंकाएँ बनी हुई हैं। श्री उपासने ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि तत्काल अनुभवी व विशेषज्ञ चिकित्सकों को संक्रमित जिलों में भेजा जाए और प्रदेश के प्रभारी सचिव व प्रभारी मंत्रियों को चाहिए कि वे अपने प्रभार जिलों की समीक्षा कर उन जिलों के संक्रमण को  नियंत्रित करने ठोस कार्ययोजना बनाएं।

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