पीड़ित को नया मोबाइल फोन देने और कलेक्टर, सूरजपुर के ट्रांसफर करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद! लेकिन क्या ट्रांसफ़र काफ़ी है? : प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

रायपुर| समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने सूरजपुर के कलेक्टर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर एक युवक को थप्पड़ मारने और उसका मोबाइल फोन तोड़ने के कार्य की भर्त्सना की है और साथ ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आम आदमी पर अपना फ्रस्ट्रेशन निकालने वाले सूरजपुर के कलेक्टर के ट्रांसफर का आदेश दिए जाने के लिए और उस युवक को नया मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के आदेश के लिए साधुवाद भी दिया है लेकिन पूछा है कि क्या ये सजा है? उस कलेक्टर को सजा देकर एक कड़ा उदाहरण प्रस्तुत करने के बजाय उसे मंत्रालय स्थानांतरित कर दिया गया। न कोई समझाइश न कोई दंड।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि अगर ऐसे बड़े पद में बैठे हुए अधिकारियों द्वारा आम आदमी पर अत्याचार किया जाएगा तो देश में कानून व्यवस्था कैसे सुधरेगा पाएगी और जनता का अपने प्रशासन और शासन पर विश्वास कैसे बढ़ेगा? ऐसे कृत्य करने से सीधे तौर पर ब्यूरोक्रेसी और सरकार पर सवाल उठते हैं। इस कृत्य के कारण पूरे विश्व में छत्तीसगढ़ सरकार की घोर निंदा हुई है। साथ ही आईएएस एसोसिएशन की इस घटना पर चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती हैं। पाण्डेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की है कि उस पीड़ित व्यक्ति को 5 लाख का मानहानि का मुआवजा भी देना चाहिए और वह राशि को कलेक्टर से वसूलना चाहिए ताकि एक उदाहरण पेश किया जा सके और आईएएस एसोसिएशन को भी उस कलेक्टर पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

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