सुबह काले बादलों ने घेरा और झूमकर बरसे, अगले 7 दिनों तक ऐसे ही रहेंगे हालात

रायपुर| राजधानी रायपुर समेत भिलाई, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कवर्धा, रायगढ़ जैसे शहरों में मंगलवार की सुबह अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रायपुर में सुबह के 4 बजे से तेज बरसात हुई थी। कुछ देर थमी बारिश सुबह 7 बजे फिर से शुरू हो गई। शहर के टीकरापारा, सेज बहार, अवंति विहार, देवेंद्र नगर समेत दर्जन भर हिस्सों में सुबह से बिजली भी गुल हो गई। दोपहर के वक्त सुधार के बाद कई हिस्सों में बिजली की सप्लाई शुरू हो पाई। रायपुर की जल विहार कॉलोनी में सड़कें बारिश के पानी से लबालब हो गईं। सुबह 11 बजे तक हल्की धूप भी खिल आई।

मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में 57 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। राजनांदगांव में भी जमकर पानी बरसा है। बस्तर के नारायणपुर में सर्वाधिक 110 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। अन्य कई जगहों पर मध्यम से कुछ भारी और अधिकांश जगहों पर हल्की बारिश तथा बौछारें पड़ी हैं। भीषण गर्मी के इस सीजन में हो रही बारिश से मानसून के पूर्व आगमन जैसा महसूस हो रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बीते दो-तीन दिन से बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि भले ही अभी हवा का रुख दक्षिण-पश्चिमी है। बारिश भी हो रही है, लेकिन मानसून की घोषणा के लिए कुछ मापदंड पूरे होने चाहिए। अभी ऐसी परिस्थिति नहीं बनी है लेकिन फिलहाल अगले सप्ताहभर तक प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने के कोई आसार नहीं हैं। मौसम इसी तरह का रह सकता है। दक्षिण पूर्व विदर्भ के ऊपर 0.9 किमी ऊंचाई तक एक चक्रवात है। विदर्भ से केरल तक मराठवाड़ा और अंदरूनी कर्नाटक होते हुए 0.9 किमी तक एक द्रोणिका है। बिहार के ऊपर 0.9 किमी ऊंचाई तक एक अन्य चक्रवात है। इस वजह से मौसम में ये बदलाव है। बारिश से फसल सहित अन्य हानि का आंकलन करने और प्रभावितों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों से कहा है कि बारिश और आंधी-तूफान की वजह से फसल सहित अन्य जन-धन के नुकसान के सर्वे के लिये तत्काल टीम का गठन कर आंकलन करें और पीड़ितों को तत्काल राजस्व विभाग के नियमों के तहत आर्थिक सहायता राशि दें। पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बारिश से करोड़ों के धान के नुकसान का दावा किया है। उन्होंने कहा कि सही इंतजाम न होने की वजह से प्रदेश में पिछले साल भी कई टन धान सड़ गया था, इस साल भी बारिश में धान भीगा है। इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।

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