90 के दशक वाले कश्मीर जैसे हालत बंगाल में, अमन पसंद लोगो कर रहे पलायन : अजय चंद्राकर

रायपुर। 90 के दशक में कश्मीर में हिंसा के जरिए ब्राम्हणों को भगाया गया वैसे ही हालात आज बंगाल के हैं। सिर्फ डर के चलते 1 लाख लोग बंगाल से पलायन कर चुके हैं। यह दावा छत्तीसगढ़ के भाजपा के वक्त मंत्री रहे अजय चंद्राकर ने। उन्होंने ये बातें गुरुवार को रायपुर के भाजपा दफ्तर में हुई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि बंगाल में शहीद हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को नमन करता हूं। मगर हमारी लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रहेगी। अगले चुनाव की तैयारी वहां परिणाम आने के अगले दिन से ही शुरू हो चुकी है। पार्टी वहां हिंसा के शिकार हो रहे कार्यकर्ताओं के साथ है। दरअसल पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्तओं ने कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं से मारपीट, हत्या लूट यहां तक की महिलाओं के साथ यौन शोषण की घटनाओं को राजनीतिक रंजिश की वजह से अंजाम दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय चंद्राकर ने कहा कि ममता बनर्जी को जीत की बधाई राहुल गांधी ने दी, केजरीवाल और अखिलेश यादव ने दी। मगर हिंसा के लिए एक के भी मुंह से निंदा के शब्द नहीं निकले। देश में एक वर्ग को असहिष्णुता दिखाई देती थी। आमिर खान, जावेद अख्तर, बड़े-बड़े पुरस्कार विजेता अब कहां हैं। उन्हें बंगाल में सहिष्णुता दिख रही है। बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान भी ममता बनर्जी ने स्टेज से कहा था कि सेंट्रल फोर्स चली जाएगी। फिर क्या होगा, उसी वक्त ये हिंसा का इशारा था। वहां लोकतंत्र सिर्फ दिखावे की चीज है। चंद्राकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने लोगों के साथ है। हिंसक घटना की खबर पाकर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्घ्डा बंगाल गए और वहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई जारी रखने की शपथ ली। छत्तीसगढ़ का बंगाल से खास नाता है यहां विवेकानंद लंबे वक्त तक रहे हैं। इसी नाते मैं कह रहा हूं कि बंगाल के कार्यकर्ताओं के साथ हम हैं।

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