सिम्स प्रबंधन व विधायक शैलेष पांडेय का कृत्य निंदनीय : धरमलाल कौशिक

०० अमानवीय प्रबंधन के लिए सीएम बघेल और अस्पतालों में 20 प्रतिशत आरक्षण जिम्मेदार

०० सिम्स की घटना दुर्भग्यपूर्ण ही नहीं अपितु मानवीय मूल्यों को छलनी करने वाली घटना हैं

“सीएम भूपेश बघेल ने अस्पतालों में 20 प्रतिशत आरक्षण इसी लिए किया है कि गरीब मजबूर की जान जाती हैं तो जाए वह तड़पता है तो तड़पे पर कांग्रेस के नेताओं के लिए आरक्षित स्थान पर आंच तक नहीं आनी चाहिए क्या यही है न्याय?”

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आपदा में संकट के समय भेदभावपूर्ण रवैय्या अख़्तियार कर काम करने व कोरोना मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भग्यपूर्ण ही नही अपितु मानवीय मूल्यों को छलनी करने वाली घटना हैं जो सिम्स अस्पताल में वेंटिलेटर होते हुए भी गंभीर रूप से संक्रमित मरीज जो कि सिम्स में ही कार्यरत भृत्य की माता जी थी को सिर्फ इस लिए वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं करवाया गया और मरीज की जान बचाने की कोशिश सिर्फ इस लिए नहीं कि गयी क्योंकि सिम्स अस्पताल में वेंटिलेटर कांग्रेस विधायक शैलेष पांडेय के लिए आरक्षित था यह अपने आप में अमानवीय घटनाक्रम हैं। उन्होंने सिम्स प्रबंधन व विधायक शैलेष पांडेय पर  कार्यवाही की मांग की है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अन्य राज्यों से बेहतर प्रबंधन का दावा करते नहीं थकते क्या यही हैं उनका अमानवीय बेहतर प्रबंधन? उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इस अमानवीय प्रबंधन के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए पूछा है कि क्या सीएम भूपेश बघेल ने अस्पतालों में 20 प्रतिशत आरक्षण इसी लिए किया है कि गरीब मजबूर की जान जाती हैं तो जाए वह तड़पता है तो तड़पे पर कांग्रेस के नेताओं के लिए आरक्षित स्थान पर आंच तक नहीं आनी चाहिए क्या यही है न्याय? कांग्रेस के नेता सत्ता के मद में अपनी मनमानी और रसूख का कैसा नाजायज फायदा उठा रहे हैं सहज ही समझा जा सकता है। क्या एक ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी की माँ को सिर्फ इस लिए वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं करवाया जाना क्योंकि वह विधायक के लिए आरक्षित है क्या इसे ही भूपेश बघेल जी बेहतर प्रबंधन मानते हैं। उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अमानवीय शर्मनाक मानवता को तार तार करने वाला करार दिया साथ ही उन्होंने अस्पतालों में 20 प्रतिशत आरक्षण पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से स्पष्टिकरण मांगा है और जानत की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधा को प्रथमिकता क्रम में रखते हुए जनता को किसी भी कीमत पर ऐसी अमानवीय घटना से ना गुजरना पड़े इस बात को प्रथमिकता में रखते हुए जनहित में तत्काल प्रभाव से निर्णय लेने की मांग की है।

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