जीवन रक्षक रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते दो युवक गिरफ्तार

00 95 हजार नकद तथा रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद
रायपुर प्रदेश में कोरोना संक्रमण से हाहाकार मचा हुआ है। इस महामारी के दौर में गंभीर कोरोना पीड़ितों के लिए अगर कोई जीवन रक्षक है, तो वह है रेमडेसिविर इंजेक्शन। गंभीर रूप से संक्रमित व्यक्ति के जीवन रक्षक के रूप में रेमडेसिविर संजीवनी के समान उभर कर सामने आयी है। लेकिन इस बाजार में इस इंजेक्शन की कमी के चलते मुनाफाखोरों ने इसकी कालाबाजारी शुरू कर दी है। इसके चलते अस्पतालों व दवाई दुकानों में इस इंजेक्शन की कमी हो गयी है। रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर नकेल कसने राज्य शासन ने कड़े निर्देश दे रखे है, जिसे चलते पुलिस विभाग ऐसे मुनाफाखोरों पर नजर रखे हुए है।
इसी तारतम्य में कुछ दिनों से लगातार सूचना प्राप्त हो रहीं थी कि कमलेश साहू नामक व्यक्ति द्वारा खमतराई, रायपुरा, डी डी नगर क्षेत्र में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा है। सूचना को एसएसपी ने गंभीरता से लेते हुये सायबर सेल की टीम को आरोपी की पतासाजी कर रंगे हाथ पकड़ने निर्देशित किया। सायबर सेल की टीम ने कमलेश साहू के संबंध में पतासाजी कर टीम के एक सदस्य ग्राहक बनकर कमलेश साहू से संपर्क कर रेमडेसिविर इंजेक्शन को 14,000/- रूपये में क्रय करने का सौदा तय किया। कमलेश साहू ने टीम के सदस्य को थाना मुजगहन क्षेत्र में इंजेक्शन देने बुलाया। सायबर सेल की टीम ने आरोपी को पकड़ने ट्रैप पार्टी तैनात की थी। टीम का एक सदस्य जिससे सौदा तय हुआ था, रूपये लेकर कमलेश साहू के पास इंजेक्शन क्रय कर रहा था इसी दौरान टीम के अन्य सदस्यों ने आरोपी कमलेश साहू को रंगे हाथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपी कमलेश साहू ने बताया कि उसे रेमडेसिविर इंजेक्शन उसका साथी डेविड मनहरे जो कि श्री दानी केयर मल्टी स्पेश्यलिटी हाॅस्पिटल डूण्डा मुजगहन रायपुर में बतौर नर्सिंग स्टाॅफ के पद पर कार्यरत है, लाकर देता है। जिस पर टीम द्वारा डेविड मनहरे को भी पकड़ा, पूछताछ में डेविड मनहरे ने बताया कि श्री दानी केयर मल्टी स्पेश्यलिटी हाॅस्पिटल में जो भी कोरोना मरीज है उनके परिजनों से मरीज को लगाने रेमडेसिविर इंजेक्शन का 02 डोज मंगाया जाता था, जिनमें से 1 डोज मरीज को लगा देता था एवं 01 डोज को अधिक दाम में बेचने वह अपने पास रख लेता था। इस प्रकार आरोपी डेविड मनहरे ने कोरोना मरीजों के जीवन के साथ भी खिलवाड़ किया है। डेविड मनहरे अपने साथी कमलेश साहू के साथ मिलकर जरूरतमंद व्यक्तियों को 12,000/- से 14,000/- रूपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन की बिक्री कर इसकी कालाबाजारी करते थे। दोनों आरोपियों ने अब तक लगभग 1 दर्जन इंजेक्शनों को ऊँचे दामों में बेचकर पैसे कमाए है। आरोपी कमलेश साहू 4 दिनों पूर्व ही डब्ल्यू आर एस खमतराई स्थित रेलवे हाॅस्पिटल में बतौर नर्सिंग स्टाॅफ के पद पर नौकरी ज्वाईन किया था। सायबर सेल की टीम ने औषधि विभाग की टीम को बुलाकर आरोपियों की निशानदेही पर आरोपी कमलेश साहू के कब्जे से नगदी 45,000/- रूपये तथा आरोपी डेविड़ मनहरे के कब्जे से नगदी 49,500/- रूपये जुमला कीमती 94,500/- रूपये, 2 नग रेमडेसिविर इंजेक्शन तथा 2 नग मोबाईल फोन जप्त किया। औषधि विभाग की टीम ने आरोपियों के विरूद्ध औषधि अधिनियम के तहत् कार्यवाही करने के साथ ही पुलिस द्वारा आरोपियों के विरूद्ध थाना मुजगहन में पृथक से प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् भी कार्यवाही किया गया।

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