कोवीड से जंग में एनएमड़ीसी ने किये प्रशासन के हाथ मज़बूत : एसडीओ

०० कोवीड प्रताड़ित मरीज़ों को राहत देंगे ऑक्सीजन के 150 बड़े सिलिंडर

रायपुर/नगरनार। कोवीड-19 महामारी से जंग जितने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर के महत्व को  ध्यान में रखते हुए एनएमड़ीसी के नगरनार स्टील संयंत्र ने कल जिला प्रशासन की आवश्यकता के जवाब में ऑक्सीजन के 150 बड़े सिलिंडर बस्तर प्रशासन को उपलब्ध कराये। नगरनार इस्पात संयंत्र के इंचार्ज एवं कार्यकारी निदेशक श्री प्रशांत दास ने कहा, एनएमड़ीसी हमेशा बस्तर के सुख समृधि के लिए प्रयास करता रहा है। मुझे ख़ुशी है की इस कठिन समय में एनएमड़ीसी के तरफ से एक और क़दम उठा है जिस से बस्तर प्रशासन को इस महामारी को मात देने में मदद मिलेगी|

इस सन्दर्भ में कल सुबह राज्य शासन की एक टीम ने नगरनार स्टील संयंत्र के ऑक्सीजन प्लांट जाकर सिलिंडरों का निरिक्षण किया। श्री जी आर मरकाम, डिप्टी कलेक्टर और एसडीओ (राजस्व), जगदलपुर, सुश्री गीता रायस्त, डिप्टी कलेक्टर और एसडीओ (राजस्व), तोकापाल और डॉ सी मैत्री, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने प्रशांत दास से चर्चा कर सिलिंडर्स की जांच की। टीम ने सिलिंडरों को अपने उपयोग के लिए स्वीकार्य पाया। फलस्वरूप, नगरनार इस्पात संयंत्र ने बिना विलम्ब किये कल शाम ही १५० ऑक्सीजन के बड़े सिलिंडरों को प्रशासन के सुपुर्द किया। मरकाम ने इस सहायता की सराहना करते हुए इसे एन एम् ड़ी सी की तरफ से शासन के हाथ मज़बूत करने वाला क़दम बताया। श्री मरकाम ने मौजूदा स्थिति पर रोशनी डालते हुए बताया, कई मरीज़ मेडिकल सहायता के लिए बड़े शहरों से और बस्तर के आस पास से जगदलपुर आ रहे हैं। ऐसे में ऑक्सीजन का परिवहन करने के लिए सिलिंडर की दरकार है। इतनी मात्रा में सिलिंडर की आपूर्ति पूरी करना एक बड़ा सवाल था। ऐसे में एन एम् डी सी ने जो 150 सिलिंडर दिए हैं यह बहुत काम आएंगे क्योंकि इनकी प्रत्येक की क्षमता 46.7 लीटर होने से, यह साधारण इस्तेमाल आनेवाले ४५० सिलिंडरों के बरारबर हैं। ज्ञात हो के निर्माणाधीन नगरनार इस्पात संयंत्र एक एकीकृत इस्पात संयंत्र के रूप में आकार ले रहा है जिसमें ऑक्सीजन प्लांट का होना अनिवार्य है। हालांकि ऑक्सीजन प्लांट अभी कार्यरत नहीं है लेकिन अपनी भविष्य की ज़रुरत के लिए संयंत्र ने सिलिंडर प्राप्त किये थे। यही सिलिंडरों का भंडार शासन के सुपुर्द कर प्रशांत दास ने कोरोना से जंग में प्रशासन को ठोस समर्थन देने के एन एम् ड़ी सी के संकल्प को, फिर एक बार, वास्तविक रूप दिया।

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