कांग्रेस प्रवक्ता ने रेमडेसिविर इन्जेक्शन की कालाबाजारी के दोषियों को बिना कार्यवाही आखिरकार क्यों छोड़ा? : गौरीशंकर श्रीवास

००भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा, कांग्रेस प्रवक्ता ने कालाबाजारियो का नाम क्यों नहीं किया उजागर

०० रेमडेसिविर इन्जेक्शन की कालाबाजारी में शामिल कर्मचारी किसी कांग्रेस नेता के रिश्तेदार थे? अगर नही तो किस दबाव मे उनको छोडा गया….कांग्रेस प्रवक्ता बताए

रायपुर| भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने कांग्रेस प्रवक्ता के बयान को लेकर सवाल उठाए है, श्रीवास ने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी जी ने कल सोशल मीडिया के मध्यम से ये जानकारी दी है कि उन्होने रेमडेसिविर इन्जेक्शन की कालाबाजारी करते दो लोग को पकडा लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि उन्होने कालाबाजारी करने वालो का नाम नही उजागर किया और उनको ऐसी छोड दिया गया क्या वो कर्मचारी किसी कांग्रेस नेता के रिश्तेदार थे और नही तो किस दबाव मे उनको छोडा गया ये तिवारी जी बताये?

भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने आगे कहा कि अगर वो छोटे कर्मचारी थे तो उनको पुलिस को सौपकर बडी मछली तक क्यो नही पहुचा गया क्या तिवारी जी को अपनी सरकार पर भरोसा नही रहा। अगर पार्टी के प्रवक्ता 15 से 20 मे इन्जेक्शन बेचे जाने का खुलासा कर इतना बडा आरोप लगा रहे है मतलब मामला गंभीर  है  जिसे स्वंम सरकार भी अस्वीकार नही कर सकती और ये फैशले की घड़ी है इसलिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक मिनट भी नैतिक अधिकार नही है पद मे बने रहने का अब सरकार स्पष्ट करे कि प्रवक्ता झूठ बोल रहे है कि सरकार झूठ बोल रही है। भाजपा इस बात को पहले दिन से कह रही थी कि कालाबाजारी पर कोई लगाम नही है जो अब साबित हुआ। सवाल आज भी खडा है ऐसा क्या हुआ कि कांग्रेस के नेता इन इन्जेक्शन के दलालो को खुद पकड़ने निकले है क्या उनको भी अपनी सरकार और पुलिस पर भरोसा नही। इस घटना ने भूपेश सरकार की  नाकामी और कमजोरी को उजागर करने का काम किया है इसके लिये उनको साधुवाद। विकास तिवारी जी इस मामले की तह तक जाकर बडी मछलियो को सजा दिलाए तथा सरकार इन सब घटनाओ के लिये माफी मांगे तथा दोषियो पर कडी कार्यवाही करे।

 

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