होम आइसोलेशन में इलाज और मॉनिटरिंग के दौरान प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराना अनिवार्य

०० सांस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द या दबाव जैसे गंभीर लक्षण  होने पर कण्ट्रोल रूम को तत्काल सूचित करें

रायपुर| रायपुर जिले में होम आइसोलेशन के नोडल अधिकारी श्री गोपाल वर्मा ने बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों के होम आइसोलेशन में इलाज और मॉनिटरिंग के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को होम आइसोलेशन से संबंधित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने को कहा है। उन्होनें कहा है कि होम आइसोलेशन का मतलब घर में चुपचाप दवाई खाते रहना नहीं है। इसके लिए होम आइसोलेशन मैनेजमेंट सिस्टम के वेब लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इसका लिंक है https://cghomeisolation.com/| होम आइसोलेशन का लिंक भरते ही तुरंत डॉक्टर का नंबर डिस्प्ले होता है। डॉक्टर से बात करके उन्हें अपने सिंपटम्स और बीमारी की जानकारी दें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज के रहने के लिए घर में हवादार कमरा और अलग शौचालय होना अनिवार्य है। होम आइसोलेशन के  मरीजों को उपचार के लिए दवाईयों का एक किट प्रदान किया जाता है। आइसोलेशन की अवधि में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी प्रतिदिन चिकित्सकों या उनके अटेंडेंट से फोन के माध्यम से संपर्क में रहते है। होम आइसोलेशन की पूरी अवधि में मरीज के परिजन मरीज से समुचित दूरी बनाते हुए  उनका मनोबल बनाए रखने में सहयोग करें। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के परिजन भी घर से बाहर नहीं जायेंगे। होम आइसोलेशन के लिए अनिवार्य है कि मरीज या उसके सहयोगी के पास पल्स ऑक्सीमीटर हो इसके बिना होम आइसोलेशन की परमिशन नहीं दी जाएगी। ऐसे मरीजों से अपील की है कि वे संबंधित चिकित्सक को अपने आक्सीजन लेवल, तापमान , पल्स आदि की सही रीडिंग बताएं क्योंकि अनेकों बार यह देखा गया है कि होम आइसोलेशन वाले मरीज जब अस्पताल पहुंचते हैं, तब मालूम होता है कि उन्होने इसके पूर्व गलत रीडिंग बताई या बताई ही नही,जिसके कारण गंभीर स्थिति हुई। होम आइसोलेशन के मरीज जो स्वयं  या जो उनकी देखभाल करता है उसे थर्मामीटर से तापमान लेना ,पल्स ऑक्सीमीटर से आक्सीजन स्तर  लेना और पल्स की रीडिंग लेना आना चाहिए जो कि बहुत सरल है,यह पल्स ऑक्सीमीटर के जरिए ली जाती है। उन्हें दिन में चार बार रीडिंग लेकर मोबाइल के जरिए ही उस चिकित्सक को भेजना है जो उन्हे एलॉट किया गया है। अगर ऑक्सीजन लेवल 90 से कम होता है तो केस बिगड़ सकता है। इसलिए डॉक्टर को 95 से 90 के बीच ऑक्सीजन लेवल आने पर इसकी जानकारी शीघ्र दें। ऑक्सीजन लेवल 80 से नीचे आने पर सामान्य केयर सेंटर में इलाज करने में कठिनाई जाती है।  इसलिए बेहद जरूरी है कि इस लेवल के पहुंचने के पहले ही तत्काल कंट्रोल रूम और अपने डॉक्टर को सूचना दी जाए। इसी तरह मरीजों को 6 मिनट चलने के पहले और 6 मिनट बाद भी आक्सीजन स्तर, आक्सीमीटर से रीडिग लेना चाहिए और इसमे तीन अंको का अंतर आने पर डाक्टर को बताना चाहिए। मरीज को सीधे लेटना चाहिए जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन बराबर मिले। जिला प्रशासन , रायपुर द्वारा कोविड-19 के संबंध में नियंत्रण कक्ष बनाए गए है ।  होम आईसोलेशन के मरीजों के सहायता के लिये (24×7)यानी किसी भी समय इन फोन नंबर 7880100313, 7880100314, 7880100315, 7566100283 7566100284,7566100285 में संपर्क किया जा सकता है। कोरोना संबंधी  सामान्य जानकारी के लिये (सुबह 8 से रात 10 बजे तक) फोन नं.- 8602270023, 8602290023, 8602780023, 8602920023, 07714320202 पर संपर्क किया जा सकता है।

होम आइसोलेशन के मरीज का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद नही हो :- होम आइसोलेशन के मरीजों को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद नही करना चाहिए क्योंकि उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी विभाग को लेनी होती है ताकि उनके परिजन,मित्र भी समय पर जांच कराएं और संक्रमण से बच सकें।

सांस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द पर कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें :-  अगर मरीज को सांस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द या दबाव, होंठ या चेहरे का नीला पड़ना, ऑल्टर्ड सेसोंरियम (डिस-ओरिएंटेशन) जैसे गंभीर लक्षण विकसित होने पर इसकी सूचना तत्काल कण्ट्रोल रूम में दूरभाष या 104  से संपर्क कर देनी चाहिए।

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