किसानों और अन्न का अपमान करके राष्ट्रीय सम्पदा को क्षति पहुँचाने का कृत्य कर प्रदेश सरकार सहकारी समितियों की कमर तोड़ने पर उतारू : भाजपा

०० भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने ख़रीदी केंद्रों में अब तक लाखों मीटरिक टन धान जाम पड़े रहने को लेकर प्रदेश सरकार की लचर कार्यप्रणाली की आलोचना की

०० बेमौसम बारिश के चलते धान सड़ने की नौबत आती है तो बढ़ते तापमान से धान में सूखत बढ़ती है और इसका खामियाजा अंतत: सहकारी समितियों को उठाना पड़ता है

०० क्रिकेट मैचमेला-महोत्सवों की सियासी ड्रामेबाजी के लिए पैसा और समयदोनों हैलेकिन धान का समय पर उठाव कराने में प्रदेश सरकार लापरवाही दिखाती है

०० जिस तरह प्रदेश के कुछ ज़िलों में धान परिवहन का कार्य चल रहा हैवैसी व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू करके प्रदेश सरकार धान का उठाव सुनिश्चित कराए : जायसवाल

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामबिहारी जायसवाल ने ख़रीदी केंद्रों में अब तक लाखों मीटरिक टन धान जाम पड़े रहने को लेकर प्रदेश सरकार की लचर कार्यप्रणाली की आलोचना की है। श्री जायसवाल ने कहा कि किसानों और किसानों द्वारा उत्पादित अन्न का अपमान करके राष्ट्रीय सम्पदा को क्षति पहुँचाने का कृत्य प्रदेश सरकार कर रही है और सहकारी समितियों की कमर तोड़ने पर उतारू है। श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार धान ख़रीदी से लेकर धान के समय पर उठाव के मोर्चे पर अपनी विफलता को ढँकने के लिए पिछले वर्ष की तरह इस बार भी कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की आड़ लेकर बहानेबाजी करने में लगी है।उन्होंने कहा कि सरगुजा में धान उठा चुके राइस मिलर्स से नान चावल जमा नहीं करवा रहा है जिससे आगे का धान उठाव मिलर्स नही कर पा रहे है । लगता है सरकार ही नही चाहती है कि सोसाइटी से धान उठाव हो ।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जायसवाल ने कहा कि धान ख़रीदी का काम पूरा हुए दो माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी प्रदेश सरकार ख़रीदी केंद्रों से धान का उठाव तक नहीं करा पाई है। एक अनुमान के मुताबिक़ प्रदेशभर के कोई 20 ज़िलों में 25 लाख मीटरिक टन से भी ज़्यादा धान ख़रीदी केंद्रों में जाम पड़ा है। एक तरफ बेमौसम बारिश के चलते धान सड़ने की नौबत आती है तो दूसरी तरफ बढ़ते तापमान से धान में सूखत बढ़ती है। ज़ाहिर है इसका सीधा खामियाजा सहकारी समितियों को उठाना पड़ता है। श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास क्रिकेट मैचमेला-महोत्सवों की सियासी ड्रामेबाजी के लिए पैसा और समयदोनों हैलेकिन प्रदेश के अन्नदाताओं की उपज का समय पर उठाव करके उसे सुरक्षित करने में प्रदेश सरकार लापरवाही दिखाती है। पिछले साल भी कोरोना और लॉकडाउन के बहाने करके प्रदेश सरकार ने लाखों टन धान को बर्बाद होने दिया और इस बात के लिए उसे ज़रा भी शर्म महसूस नहीं हुईजबकि बीते साल लॉकडाउन में छूट के बाद प्रदेश सरकार ने जितनी ताक़त शराब की कोचियागिरी में लगाईउसकी आधी ताक़त भी धान को महफ़ूज़ करने में लगाती और समय पर कस्टम मिलिंग कराती तो बाद में एफसीआई में कोटे का चावल जमा करने के लिए कांग्रेस नेताओं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ प्रलाप करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। श्री जायसवाल ने कहा कि दरअसल प्रदेश सरकार में न तो राजनीतिक समझ-बूझ है और न ही प्रशासनिक क्षमताकेवल केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ ऊलज़लूल टिप्पणियाँ करके प्रदेश सरकार अपने वज़ूद का अहसास करने की नियति भोगने को अभिशप्त हो चली है। श्री जायसवाल ने कहा कि जिस तरह प्रदेश के कुछ ज़िलों में धान परिवहन का कार्य चल रहा हैवैसी व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू करके प्रदेश सरकार धान का उठाव सुनिश्चित कराए।

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