प्रदेश सरकार इलाज की दरें तय करके भी अपने आदेश के पालन के लिए कुछ निजी अस्पतालों को बाध्य नहीं कर पा रही : भाजपा

०० प्रदेश प्रवक्ता का कुछ निजी अस्पतालों में मची लूट को लेकर जमकर निशाना, कहा- एक दिन का प्रति बेड 30 से 40 हज़ार रुपए तक वसूला जाना आपदा में अपने लिए अवसर ढूँढ़ने का शर्मनाक कृत्य

०० शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से दुगुनी वसूली के अलावा फार्मेसी चार्ज भी डेढ़ से दो लाख रुपए वसूले जाने पर चुप्पी से अंदेशा हो रहा कि क्या यह लूट पर्दे के पीछे से प्रदेश सरकार के इशारे पर जारी है?

०० निजी अस्पताल प्रति बेड चार्ज की लिखित जानकारी दें, जब कोविड के लिए कोई स्पेसिफिक दवा नहीं है तो कुछ निजी अस्पताल फार्मेसी के नाम पर डेढ़ से दो लाख रुपए किस बात के ले रहे हैं?

०० प्रदेश सरकार के आदेशों के पालन की मॉनीटरिंग करना जिन अफ़सरों का ज़िम्मा है, वे लोगों को डिटेल जानकारी देने पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं, यह बेहद शर्मनाक स्थिति है : अनुराग

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कोरोना के इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों में मची लूट को लेकर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा है कि प्रदेश सरकार निजी अस्पतालों में इलाज की दरें तय करने के बाद भी अपने आदेश के पालन के लिए कुछ निजी अस्पतालों को बाध्य नहीं कर पा रही है। श्री सिंहदेव ने आईसीयू और वेंटीलेटर का अलग-अलग चार्ज बताकर कोरोना मरीजों से एक दिन का प्रति बेड 30 से 40 हज़ार रुपए तक वसूला जाना कुछ निजी अस्पतालों द्वारा इस आपदा में अपने लिए अवसर ढूँढ़ने का शर्मनाक कृत्य निरुपित किया है।जांजगीर जिले में राज्य सरकार का निजी अस्पतालों से अनुबंध न कर पाना भी जिला प्रशासन की क्षमता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है ।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री सिंहदेव ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से दुगुनी वसूली के अलावा इन कुछ अस्पतालों में फार्मेसी का चार्ज भी डेढ़ से दो लाख रुपए वसूले जाने पर प्रदेश सरकार की चुप्पी से इस बात का साफ़ अंदेशा हो रहा है कि कोरोना मरीजों के इलाज के नाम पर मची यह लूट कहीं पर्दे के पीछे से प्रदेश सरकार के इशारे पर तो जारी नहीं है? श्री सिंहदेव ने कहा कि कोरोना संक्रमितों के प्रति संवेदनशील होकर प्रदेश सरकार निजी अस्पतालों को इलाज से पूर्व प्रति बेड चार्ज की लिखित जानकारी देने के लिए कहे ताकि कोरोना संक्रमितों के परिजन अकारण परेशान और तनावग्रस्त न हों। श्री सिंहदेव ने यह भी जानना चाहा कि जब कोविड के लिए कोई स्पेसिफिक दवा नहीं है तो प्रदेश सरकार यह पता क्यों नहीं कर रही है कि कुछ निजी अस्पताल फार्मेसी के नाम पर डेढ़ से दो लाख रुपए किस बात के ले रहे हैं? सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश शासन ने जब एनएबीएच (नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ़ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थ सर्विस प्रोवाइडर) से मान्यता प्राप्त अस्पतालों में 6,200 रुपए आइसोलेशन बेड, 12,000 रुपए आईसीयू (बिना वेंटीलेटर) और 17,000 रुपए आईसीयू (विथ वेंटीलेटर) शुल्क और नॉन एनएबीएच में क्रमश: 6,200 रुपए, 10,000रुपए और 14,000 रुपए शुल्क निर्धारित किया है तो फिर यह लूट किसके इशारे पर जारी है, प्रदेश सरकार यह स्पष्ट करे। श्री सिंहदेव ने कहा कि कुछ निजी अस्पतालों में मरीजों की जेब पर डाका डाला जा रहा है और प्रदेश सरकार और उसके नौकरशाह अब भी ‘कार्रवाई करेंगे’ की घिसी-पिटी जुमलेबाजी ही कर रहे हैं! निजी अस्पतालों में प्रदेश सरकार के आदेशों के पालन की मॉनीटरिंग करना जिन अफ़सरों का ज़िम्मा है, वे अपनी जान छुड़ाने के लिए लोगों को डिटेल जानकारी देने कह रहे हैं, यह बेहद शर्मनाक स्थिति है।

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