कोरोना के ख़िलाफ़ ज़ंग के इंतज़ाम में प्रदेश सरकार बुरी तरह मुँह की खा रही है, फिर भी प्रदेश को भीषण त्रासदी में धकेल रही : भाजपा

०० भाजपा सांसदों ने कहा- अमूमन सभी कोविड सेंटर्स नारकीय यंत्रणा के केंद्र बन चुके, पर्याप्त ऑक्सीज़न और रेमिडेसिविर इंजेक्शन सहित ज़रूरी दवाओं का इंतज़ाम तक नहीं कर पा रही प्रदेश सरकार

०० कोरोना संक्रमितों की मौत के बाद 25सौ रुपए लेने के फ़रमान पर आपत्ति, पूछा- आख़िर प्रदेश सरकार ने संक्रमितों के शवों को लेकर निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश साधने का यह कैसा फ़ार्मूला ढूँढ़ा?

०० गरियाबंद के कोविड आइसोलेशन सेंटर में संक्रमित मरीजों को बासी भोजन परोसे जाने और डोंगरगढ़ में दो सगी बहनों के शवों को कचरा वाहन से श्मशान घाट पहुँचाने पर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा

०० कोरोना की रोकथाम को लेकर शुरू से ही अव्वल दर्जे की लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमितों का आँकड़ा 01 लाख से पार, इसके लिए सरकार अपने अपराध-बोध से कभी मुक्त नहीं हो सकेगी : सोनी-पांडेय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के संसद सदस्य द्वय सुनील सोनी (रायपुर) व संतोष पांडेय (राजनांदगाँव) ने कहा है प्रदेश में कोरोना की जाँच से लेकर उपचार और संक्रमित मरीजों के शवों के दाहसंस्कार तक के तमाम इंतज़ाम में प्रदेश सरकार बुरी तरह मुँह की खा रही है, लेकिन बावज़ूद इसके वह सियासी नौटंकियाँ करके प्रदेश को कोरोना की भीषण त्रासदी में धकेलने से बाज नहीं आ रही है। सांसद द्वय ने कहा कि प्रदेश सरकार चाहे अपनी झूठी वाहवाही जितनी करा ले, ज़मीनी सच्चाई यही है कि वह बेक़ाबू होते जा रहे कोरोना संक्रमण के ख़िलाफ़ जारी ज़ंग में अपनी शर्मनाक विफलताओं के चलते पूरी तरह बेनक़ाब होती जा रही है।

भाजपा सांसद द्वय श्री सोनी व श्री पांडेय ने कहा कि प्रदेशभर में संचालित अमूमन सभी कोविड सेंटर्स अव्यवस्थाओं के चलते नारकीय यंत्रणा के केंद्र बन चुके हैं। हालात ये हैं कि प्रदेश सरकार लाख दावे करके भी कोरोना संक्रमितों के लिए पर्याप्त ऑक्सीज़न और रेमिडेसिविर इंजेक्शन सहित ज़रूरी जीवनरक्षक दवाओं का इंतज़ाम तक नहीं कर पा रही है। ऑक्सीज़न के अभाव में बुधवार को राजधानी के अंबेडकर अस्पताल में चार कोरोना संक्रमितों की तड़प-तड़पकर हुई मौत प्रदेश सरकार के दावों की पोल खोलने पर्याप्त हैं । श्री सोनी व श्री पांडेय ने कहा कि जब राजधानी में हालात ये हैं तो प्रदेशभर के कोविड सेंटर्स की हालत का अंदाज़ लगाया जा सकता है। कोरोना संक्रमितों की मौत के बाद उनके परिजनों से 25सौ रुपए लेने के सरकारी फ़रमान पर आपत्ति करते हुए सांसद द्वय ने कहा कि यह व्यवस्था अन्यायपूर्ण और कोरोना मृतकों के परिजनों के लिए तक़लीफ़देह है। आख़िर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमितों के शवों को लेकर निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश साधने का यह कैसा फ़ार्मूला ढूँढ़ा है? क्या प्रदेश सरकार निजी अस्पतालों की मनमानी के आगे घुटने टेक चुकी है? कोरोना सेस के नाम पर 400 करोड़ रुपए वसूलने वाली प्रदेश सरकार की संवेदनाएँ क्या कोरोना मृतकों के लिए भी नहीं जागेगी?
भाजपा सांसद द्वय श्री सोनी व श्री पांडेय ने गरियाबंद के कोविड आइसोलेशन सेंटर में संक्रमित मरीजों को बासी भोजन परोसे जाने और वहाँ सफाई की पुख़्ता व्यवस्था नहीं होने के वायरल वीडियो का भी ज़िक्र कर कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले एक साल में कोरोना की रोकथाम के लिए कोई ठोस योजना बनाने और व्यापक पैमाने पर सुविधाओं व तकनीक का इंतज़ाम करने के बजाय केवल ज़ुबानी जमाख़र्च करके प्रदेश को भरमाने में लगी रही। डोंगरगढ़ में दो सगी बहनों के शवों को एंबुलेंस के बजाय कचरा वाहन से श्मशान घाट पहुँचाकर प्रदेश सरकार के कारिंदों ने अपनी घोर संवेदनहीनता का परिचय देकर शवों का घोर अपमान किया है। कोरोना संक्रमितों की मौत के बाद प्रदेश सरकार तो शवों के सम्मानपूर्वक दाह संस्कार तक की व्यवस्था नहीं कर पा रही है। दरअसल कोरोना की रोकथाम को लेकर प्रदेश सरकार ने शुरू से ही जिस अव्वल दर्जे की लापरवाही का परिचय दिया है, उसी का दुष्परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों का आँकड़ा 01 लाख से पार हो गया है। श्री सोनी व श्री पांडेय ने कहा कि प्रदेश के इस भयावह हालात के लिए प्रदेश सरकार अपने अपराध-बोध से कभी मुक्त नहीं हो सकेगी।

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