बिक्री नकल के लिए पैसे नहीं देने पर किसान की ज़मीन को शासकीय बता दिया जाना प्रदेश सरकार की भ्रष्ट कार्यप्रणाली का नमूना : भाजपा

0 पटवारी अपनी मनमानी का भ्रष्ट राज चला रहे हैं, कई मामलों में किसान और ग़रीब परिवार पटवारियों की भ्रष्ट कार्यप्रणाली के चलते शासन की योजनाओं का लाभ तक नहीं उठा पा रहे

0 भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश प्रभारी ने कहा- एक तरफ प्रदेश सरकार किसानों को आत्महत्या के लिए विवश कर रही है, वहीं पटवारी भी किसानों की जान के दुश्मन बन बैठे हैं

0 महासमुंद ज़िले के नांदगाँव का यह मामला तो एक नमूनाभर है, पूरे प्रदेश में पटवारियों ने रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार करके किसानों और भू-स्वामियों की नाक में दम कर रखा है : संदीप

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा ने महासमुंद ज़िले में किसान द्वारा बिक्री नकल निकालने के लिए पैसे नहीं दिए जाने पर पटवारी द्वारा किसान की ज़मीन को शासकीय बता दिए जाने को लेकर प्रदेश सरकार के कामकाज और भ्रष्ट हो चली कार्यप्रणाली पर जमकर निशाना साधा है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल में तमाम सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार तांडव कर रहा है और आम आदमियों की परेशानी से बेफ़िक्र प्रदेश सरकार और कांग्रेस नेता अपने मुँह मियाँ मिठ्ठू बनकर वृथा गाल बजाने में मशगूल हैं।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर किसान विरोधी चरित्र का परिचय दे रही है। किसानों के नाम पर सियासी जुमलों के बूते सत्ता में पहुँची कांग्रेस ने शुरू से ही किसानों को हर क़दम पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है। श्री शर्मा ने कहा कि अपनी बदनीयती, कुनीतियों और तुग़लक़ी फैसलों से प्रदेश सरकार ने किसानों की प्रताड़ना का जो दौर चलाया है, अब पटवारी स्तर तक के लोग प्रताड़ना का सिलसिला चलाकर किसानों को हैरान करने में लगे हैं। प्रदेश में पटवारी अपनी मनमानी का भ्रष्ट राज चला रहे हैं और पटवारियों के भ्रष्टाचार की कई ख़बरें हाल के महीनों में सुर्ख़ियों में रही है। कई मामलों में किसानों और ग़रीब परिवार पटवारियों की भ्रष्ट कार्यप्रणाली के चलते शासन की योजनाओं का लाभ तक नहीं उठा पा रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि महासमुंद ज़िले के नांदगाँव के पटवारी हल्का नं. 38 का यह मामला तो एक नमूनाभर है, पूरे प्रदेश में पटवारियों ने रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार करके किसानों और भू-स्वामियों की नाक में दम कर रखा है। श्री शर्मा ने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार किसानों को आत्महत्या के लिए विवश कर रही है, वहीं पटवारी भी किसानों की जान के दुश्मन बन बैठे हैं। हाल ही बिलासपुर ज़िले के तखतपुर क्षेत्र में खेत की पर्ची बनाने के लिए पाँच हज़ार रुपए रिश्वत लेने के बाद भी पर्ची नहीं बनाई और हैरान-परेशान किसान को आत्महत्या के लिए विवश होनो पड़ा। श्री शर्मा ने प्रदेश सरकार और संबंधित आला अधिकारियों से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर किसान को न्याय दिलाने और दोषी पटवारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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