दरभा डिविजनल कमेटी के नक्सली प्रवक्ता ने प्रेस नोट जारी कर कहा, वेट्टी हूंगा का मुठभेड़ है फर्जी

०० नक्सली प्रवक्ता ने कहा, पुलिस जिसे नक्सली बता रही है, वह चावल लेने गया ग्रामीण था

रायपुर| दंतेवाड़ा ने जिस वेट्टी हूंगा नामक नक्सली के एनकाउंटर की बात कही थी उसी हूंगा को नक्सलियों की दरभा डिविजनल कमेटी ने सामान्य ग्रामीण बताया है। कमेटी के सचिव और प्रवक्ता साईनाथ ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि जंगामपाल में हुई मुठभेड़ फर्जी थी और पुलिस ने चावल लेने गए ग्रामीण की हत्या कर दी।

दरअसल रविवार को दंतेवाड़ा एसपी डाक्टर अभिषेक पल्लव ने बताया था, कि जंगामपाल के जंगलों में नक्सलियों के होने की सूचना मिलने के बाद वहां डीआरजी के दल को रवाना किया गया था। यहां जैसे ही डीआरजी के जवान पहुंचे, नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में नक्सलियों का मिलिशिया कमांडर हूंगा मारा गया था। उसका शव, हथियार और बड़ी मात्रा में नक्सल साहित्य भी पुलिस ने जब्त किया था। वेट्टी हूंगा पर राज्य सरकार ने 1 लाख रुपए का इनाम रखा था और दंतेवाड़ा पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम रखा था। उसके कई नक्सल गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई थी, लेकिन आज नक्सलियों की विज्ञप्ति में उसे ग्रामीण बताया गया। साईनाथ द्वारा जारी प्रेस नोट में वेट्टी हूंगा के लिए लिखा गया है ” ग्राम पंचायत बड़ेगादाम का निवासी वेट्टी उंगा सोसाइटी से चावल लाने गांव जंगामपाल गया था। उसी समय डीआरजी गुंडों ने 11 अप्रैल को पकड़कर क्रूर तरीके से यातनाएं देकर हत्या किया। अभिषेक पल्लव ने बताया कि एक लाख के इनामी माओवादी को मुठभेड़ में मार गिराया, इस घटना का हम कड़ा विरोध करते हैं यह मुठभेड़ नहीं फर्जी मुठभेड़ है ” इस प्रेस नोट में पहले मारे गए कुछ नक्सलियों को भी ग्रामीण बताया गया है और सबसे अंत में मरकाम हिड़मे को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए तुरंत रिहा करने की बात कही गई है। मरकाम हिड़मे इस समय जगदलपुर जेल में बंद है। पुलिस ने नक्सली नेता बताते हुए उसे गिरफ्तार किया है। मरकाम को रिहा करने की बात इससे पहले उस प्रेस नोट में भी थी जिसे 3 अप्रैल को कोबरा जवान राकेश्वर के अपहरण के बाद माओवादियों ने जारी किया था।

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