केंद्र सरकार की ओर से मिले वेंटिलेटर पर कांग्रेस के आरोपों से भड़के भाजपा नेताओ ने राज्यपाल से की जांच की मांग

०० भाजपा ने सरकार पर कोरोना प्रबंधन में लापरवाही और दवाओं के कालाबाजारी का लगाया आरोप

०० भाजपा नेताओं ने लगाया आरोप, प्रदेश में बाहर से आये लोगों की नहीं कराई जा रही कोरोना जांच

रायपुर| कोरोना संक्रमण के साथ छत्तीसगढ़ में राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा ने सरकार पर कोरोना प्रबंधन में लापरवाही और दवाओं के कालाबाजारी का आरोप लगाया। आरोप यह भी लगा कि प्रदेश सरकार केंद्र की ओर से भेजे गये वेंटिलेटर का उपयोग नहीं कर रही है। जवाब में कांग्रेस की ओर से कहा गया कि केंद्र सरकार की ओर से मिले वेंटिलेटर में से अधिकतर खराब थे। इन आरोपों से भड़के भाजपा नेता आज राज्यपाल के पास वेंटिलेटर के जांच की मांग करने पहुंच गये।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अगुवाई में राजभवन पहुंचे भाजपा नेताओं ने राज्यपाल अनुसूईया उइके से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा नेताओं ने एक ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था, केंद्र सरकार से जो वेंटिलेटर मिले थे उनका उपयोग क्यों नहीं किया गया। वह किन परिस्थितियों में खराब हो गया। वह वेंटिलेटर खराब मिला था या छत्तीसगढ़ में आने के बाद खराब हुआ इसकी पूरी जांच कराई जाए। भाजपा नेताओं ने कहा, प्रदेश में कितने वेंटीलेटर और ऑक्सीजन वाले बेड की व्यवस्था हुई है, यह सार्वजनिक किया जाये। भाजपा नेताओं ने कोरोना के इलाज में बजट की पर्याप्त व्यवस्था और सेस की राशि से 400 करोड़ रुपये भी जारी कराने की मांग की। राजभवन गये प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, रायपुर सांसद सुनील सोनी, विधायक बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर शामिल थे। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से कहा, वे केंद्र सरकार से आग्रह करें कि टीके और जीवन रक्षक उपकरणों की आपूर्ति छत्तीसगढ़ में की जाए। रेमडेसिविर और दूसरी जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति रेडक्रास से कराने का प्रस्ताव रखा। राज्य सरकार की ओर से मूल्य पर छूट दिलाने और दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिये कार्रवाई की मांग भी की गई। भाजपा नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग के सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी पूरी करने संविदा भर्ती की मांग की। उनका कहना था, लॉकडाउन के दौरान बीपीएल परिवारों को राशन दिया जाए। वहीं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सरकार की ओर से काम उपलब्ध कराया जाए। आयुष्मान भारत कार्ड से पूरा इलाज हो। गरीबों के लिए बेड आरक्षित करने की भी मांग हुई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बाहर से आये लोगों की कोरोना जांच नहीं कराई जा रही है। पिछले दिनों असम से कांग्रेस और गठबंधन के लोगों को गोपनीय स्थानों पर रखा गया है।

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