नक्सलियों ने जवानों पर रॉकेट लॉन्चर और एके-47 से किया हमला, 20 लापता जवानों के शव एयरफोर्स की मदद से किए रेस्क्यू

०० तर्रेम क्षेत्र के सिलगेर के जंगल में एक दिन पहले हुई थी मुठभेड़शहीद हुए जवानों की जानकारी आई सामने

०० डीजी-सीआरपीएफ बोले, नक्सलियों ने अपनी स्ट्रेटजी बदलीउसे समझने के लिए जाएंगेजवानों की ट्रेनिंग में होगा बदलाव

रायपुर| बीजापुर में मुठभेड़ के दौरान फंसे जवानों और शहीदों को लेने के लिए कई रेस्क्यू टीम पर नक्सलियों ने फिर हमला कर दिया है। नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाते हुए आईईडी ब्लास्ट किया। बताया जा रहा है कि इसकी चपेट में आकर एक जवान घायल हो गया है। वहीं मिसिंग हुए 21 में से 20 जवानों के शवों को एयरफोर्स की मदद से रिकवर कर लिया गया है।

सीआरपीएफ की कोबरा, सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन, डीआरजी, सीएफ और एसटीएफ के जवानों की तर्रेम क्षेत्र के सिलगेर के जंगल में जोनागुड़ा के पास शनिवार को नक्सलियों से मुठभेड़ हो गई थी। एक बड़े एंबुश में जवानों को नक्सलियों ने फंसा लिया और फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ सुबह करीब 12.30 बजे शुरू हुई और शाम करीब 5.30 बजे 4 घंटे तक चली। इस दौरान नक्सलियों ने युजीएनएल, रॉकेट लांन्चर, इंसास और एके-47 से हमला किया था।बताया जा रहा है कि मुठभेड़ में 23 जवान शहीद हुए हैं। इनमें डीआरजी के 8, एसटीएफ के 6, कोबरा बटालियन के 8 और बस्तर बटालियन के 1 जवान शामिल है। इनमें कोबरा के एक इंस्पेक्टर और डीआरजी के एक सब इंस्पेक्टर भी हैं। मुठभेड़ में 30 से ज्यादा जवान घायल हैं। इनमें 16 सीआरपीएफ के हैं। जिनमें से 7 को रायपुर में भर्ती कराया गया है। डीजी नक्सल ऑपरेशन अशोक जुनेजा ने बताया कि मुठभेड़ में नक्सलियों को भी काफी नुकसान हुआ है। सूचना के आधार पर 3 से 4 ट्रकों से घायल और मृत नक्सलियों को उनके साथियों ने ट्रांसपोर्ट किया है। डीजी  जुनेजा ने बताया कि बासागुड़ा और जगरगुंडा में तर्रेम के बाद कैंप बनना था। इससे बनने से हम दक्षिण में 12 किमी तक एक्सेस कर लेते और नक्सली कॉरिडोर को बंद कर देते। नक्सली ऐसा नहीं चाहते थे। इसके चलते उन्होंने इसे अंजाम दिया। इस मुठभेड़ के बाद रायपुर पहुंचे सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह ने कहा कि किसी भी घटना से सीख ली जाती है। हर बार हम हथियारों, इक्यूपमेंट और ट्रेनिंग में चेंज लाते हैं। अबघटना स्थल पर जाने की प्लानिंग है। देखेंगे कि नक्सलियों ने अपनी स्ट्रेटजी में क्या बदलाव किया है। इसके आधार पर हम भी बदलाव करेंगे। उन्होंने कहा कि 5 बटालियन फोर्स और आई है। इससे नक्सलियों को असुविधा हो रही है। अब तो और जल्दी कैंप लगेंगे। सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह ने बताया कि नक्सलियों ने लौटते हुए जवानों पर हमला किया। दोरनागुड़ा और टेकुलगुडम की पहाड़ियों के बीच 100 से 200 मीटर की दूरी से नक्सली फायरिंग कर रहे थे। इस दौरान जवान उनके एंबुश को तोड़ते हुए आगे बढ़े। इसमें 4-5 जवान घायल हो गए। अपने साथियों को सुरक्षा घेरे में लेकर जवान आगे बढ़े तो गांव के पास जनमिलिशिया के सदस्यों ने एलएमजी के जरिए दूर से फायरिंग की।

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