सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 22 जवान शहीद, 30 से ज्यादा घायल कई जवान लापता

०० तर्रेम क्षेत्र के सिलगेर के जंगल में एक दिन पहले हुई थी मुठभेड़, एक महिला नक्सली का शव बरामद

०० सीआरपीएफ, डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन के 2000 जवान निकले थे सर्चिंग पर, बैकअप फोर्स रवाना

रायपुर| बीजापुर में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए हैं, हालांकि 25 जवानों के शहीद होने की अपुष्ट खबर आ रही है। शहीद जवानों में डीआरजी के 8, एसटीएफ के 6, कोबरा बटालियन के 6 और बस्तर बटालियन के 2 जवान बताए जा रहे हैं। हालांकि शहीद जवानों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है वहीं इस मुठभेड़ में 30 से ज्यादा घायल हैं।

लापता जवानों की तलाश के लिए सुबह करीब 6 बजे बैकअप फोर्स को रवाना किया गया है। घटनास्थल पर कई जवानों के शव पड़े हुए हैं जिन्हें अब तक रिकवर नहीं किया जा सका है। मुठभेड़ में 9 नक्सलियों के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा है। इसमें एक महिला नक्सली का शव बरामद कर लिया गया है। तर्रेम क्षेत्र के सिलगेर के जंगल में जोनागुड़ा के पास नक्सलियों ने सीआरपीएफ की कोबरा, सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन, डीआरजी और एसटीएफ के जवानों को शनिवार दोपहर 12 बजे के करीब जोनागुड़ा के पास एक बड़े एंबुश में फंसा लिया। मुठभेड़ करीब तीन घंटे चली। सूचना मिली थी कि जोनागुड़ा इलाके के पहाड़ियों पर बड़ी संख्या में नक्सलियों ने डेरा जमाया हुआ है। इसके बाद करीब 2000 जवानों को मौके पर सर्चिंग के लिए भेजा गया था। बस्तर आईजी पी सुदंरराज ने शहीद जवानों की पुष्टि की है। उनके नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक 9 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, जबकि 15 से ज्यादा घायल हैं। स्थिति स्पष्ट करने में और समय लग सकता है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि घटनास्थल पर 250 से ज्यादा नक्सली हो सकते हैं। इनका मूवमेंट अभी भी बना हुआ है। वहीं कुछ लापता जवानों के परिजन भी सामने आए हैं।

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