कोरोना वायरस ने म्यूटेट होकर बदल लिया है रूप, तक 5 नमूनों में कोरोना के नए वैरिएंट की हुई पुष्टि

०० नया वैरिएंट शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करने में है सक्षम, इसे नाम दिया गया है एन-440

रायपुर| प्रदेश में कोरोना वायरस ने म्यूटेट होकर रूप बदल लिया है, अब तक नमूनों में कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि हो चुकी है। हालांकिइसके असर के बारे में डॉक्टरों को कोई जानकारी नहीं है। अंदेशा जताया जा रहा है कि नया वैरिएंट शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करने में सक्षम है। इसे एन-440 नाम दिया गया है।छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के 5 नमूनों में एन -440 नाम के नए वैरिएंट की मौजूदगी की रिपोर्ट दी थीलेकिन यह उतना घातक नहीं है। प्रदेश में अब तक ब्रिटिश वैरिएंटसाउथ अफ्रीकन वैरिएंट और ब्राजीलियन वैरिएंट का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्सरायपुर के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर का कहना है कि प्रदेश में इतना ज्यादा संक्रमण है कि नया वैरिएंट तो सामने आएगा ही। एक साल में संक्रमण का इतना बढ़ जाना कभी नहीं देखा गया था। संक्रमण बढ़ता रहा तो वायरस में म्यूटेशन होगा और नए वैरिएंट भी सामने आ सकते हैं। डॉ. नागरकर ने बताया कि अभी इसके असर की ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। उधररायपुर मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्टरों ने बताया कि नए वैरिएंट एन -440 पर अभी कोई स्टडी तो सामने नहीं आई हैलेकिन अंदेशा है कि नया वैरिएंट शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को धोखा देने में सक्षम है। इसकी वजह से बेहतर इम्यूनिटी वाले लोग भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। प्रदेश में संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के पीछे ये नया वैरिएंट भी एक कारण हो सकता है।बताया जा रहा है कि प्रदेश में अभी वायरस के नए वैरिएंट पर रिसर्च की कोई व्यवस्था नहीं है। रायपुर एम्स हर सप्ताह कुछ नमूनों को नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजता है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल इनकी जांच के बाद रिपोर्ट जारी करता है। इससे नए वैरिएंट या वायरस के म्यूटेट होने की जानकारी सामने आती है। पिछले सप्ताह यह पहली बार हुआजब वायरस में दोहरे म्यूटेशन का पता चला था। छत्तीसगढ़ में कोरोना का पहला मरीज 18 मार्च 2020 को सामने आया था। यह एक लड़की थीजो लंदन से रायपुर लौटी थी। तब से यह वायरस 3,49,187 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। इनमें से 3.19 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। 4,170 लोगों को इस बीमारी की वजह से जान गंवानी पड़ी है। बुधवार को प्रदेश में एक दिन में 4,563 नए केस मिलेवहीं 28 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई।

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