पोषण पखवाड़ा के तहत “सही पोषण-देश रोशन” विषय पर वेबिनार का आयोजन

रायपुर। पत्र सूचना कार्यालय व रीजनल आउटरीच ब्यूरो, रायपुर के संयुक्‍त तत्‍वावधान में फील्‍ड आउटरीच ब्‍यूरो, बिलासपुर के सहयोग से आज, 26 मार्च को दोपहर 12 से 1 बजे तक ‘पोषण पखवाड़ा’ के तहत ‘सही पोषण – देश रोशन’ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के फील्ड आउटरीच ब्यूरो, पीआईबी और आरओबी के कर्मचारियों, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों और गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया ।
वेबिनार को गुरु घासीदास केंद्रीय विवि, बिलासपुर की संचारविद् व सहायक प्रोफेसर, डॉ. अमिता, डी.पी. विप्र महाविद्यालय, बिलासपुर की समाजशास्‍त्री व सहायक प्रोफेसर, डॉ. रीना ताम्रकार एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्‍तीसगढ़ शासन, मुंगेली की सुपोषण विशेषज्ञ व पर्यवेक्षक, श्रीमति बिंदु सिंह ने संबोधित किया ।
अपने उद्बोधन मे डॉ. अमिता ने कहा कि कुपोषण से निपटने के लिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों मे जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए । आंगनवाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य केन्द्रों पर जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से सुपोषण के प्रति लोगों को जागरूक बनाया जाए । उन्होंने कहा कि गर्भवती स्त्रियों, किशोरी बालिकाओं और पाँच वर्ष तक के बच्चों में व्याप्त कुपोषण को दूर करने के लिए चरणबद्ध अभियान चलाया जाना चाहिए। वेबीनार को संबोधित करते हुए डॉ. रीना ताम्रकार ने बताया कि उन्होंने यूनिसेफ और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों मे कुपोषण को दूर करने के लिए अनेक अभियान चलाये हैं। उन्होने कहा कि कुपोषण को दूर करने मे न केवल महिलाएं बल्कि परिवार के पुरुष भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डॉ ताम्रकार ने कहा कि पोषक आहार का अर्थ महंगे आहार से नहीं है बल्कि गुणवत्तापूर्ण तरीके से पकाया गया सस्ता आहार भी पोषक आहार की श्रेणी मे आता है। सुपोषण विशेषज्ञ, श्रीमती बिन्दु सिंह ने बताया कि उनका विभाग केंद्र और राज्य सरकारों से समय समय पर प्राप्त निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों मे सुपोषण अभियान चलाता है । उन्होने बताया कि वे न केवल पोषक आहार बल्कि स्वच्छता, बालिका शिक्षा, बालिकाओं मे सेनेटरी नैपकिन के प्रति जागरूकता और टीकाकरण के प्रति भी जागरूकता अभियान चलाते हैं। पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के सहायक निदेशक, सुनील कुमार तिवारी ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास के माध्यम से पोषण के क्षेत्र मे चलाई जा रही योजनाओं के बारे मे विस्तार से बताया। उन्होने कहा कि मिड-डे मिल, सूखा राशन वितरण और पूरक आहार योजना जैसे कार्यक्रमों से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों मे कुपोषण पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। कार्यक्रम के आरंभ मे पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के निदेशक, कृपा शंकर यादव ने पोषण पखवाड़े के दौरान आयोजित किए जा रहे वेबिनार की उपयोगिता पर प्रकाश डाला । उन्होने सभी अतिथि वक्ताओं का स्वागत करते हुए वेबिनार के सकारात्मक परिणामों की अपेक्षा की।
वेबिनार का संचालन आरओबी के कार्यालय प्रमुख, शैलेश फाये ने और आभार प्रदर्शन, फील्‍ड आउटरीच ब्‍यूरो, बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी, डॉ. प्रेम कुमार ने किया ।

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