बाल विकास सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए मिला ’’स्कॉच अवार्ड’’

०० गीदम परियोजना को स्कॉच अवार्ड की हेल्थ श्रेणी में मिला सिल्वर पुरस्कार

रायपुर| छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बाल विकास सेवाओं की रियल टाइम मानिटरिंग के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की गीदम परियोजना को स्कॉच अवार्ड की हेल्थ श्रेणी में सिल्वर पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि गीदम परियोजना की सभी कार्यकर्ताएं एंड्राईड मोबाइल फोन का उपयोग कर रही है, इन कार्यकर्ताओं द्वारा आंगनबाड़ी की सेवाओं की रियल टाइम फोटो भेजी जा रही है। उनके द्वारा भेजी गई फोटो में समय तिथि और स्थान होता है, जिससे उनकी सेवाओं का सत्यापन प्रतिदिन हो जाता है।

दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के गीदम परियोजना में आईसीडीएस (समन्वित बाल विकास योजना) की रियल टाइम मॉनिटरिंग में कम पढ़ी-लिखी कार्यकर्ताओं ने भी उत्साह से काम किया है। सभी कार्यकर्ताओ को फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प, टाइम स्टैम्प कैमरा आदि का प्रशिक्षण परियोजना स्तर पर दो से तीन बार दिया जा चुका है। इससे उनका एंड्रॉइड मोबाइल टेक्नोलॉजी में रुझान के साथ-साथ सोशल मीडिया में रूचि बढ़ रही है। टेक्नोलॉजी के प्रयोग से सेवाओं का सत्यापन एक ही समय में कई केंद्रों में हो रहा हैं। गीदम परियोजना में स्टॉफ की कमी और कार्य की अधिकता होने से फील्ड में प्रतिदिन प्रति आंगनबाड़ी केंद्रों का सत्यापन कठिन होता है। इसे देखते हुए कार्यकर्ताओ को टेक्नोलॉजी में दक्ष कर रियल टाइम सेवाएं ली जा रही हैं। टेक्नोलॉजी के प्रयोग करने के कारण कार्यकर्ताओ में बहुत उत्साह है। इस कार्य में कलेक्टर श्री दीपक सोनी, जिला पंचायत सीईओ श्री अश्विनी देवांगन, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेन्द्र सिंह ठाकुर द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हमेशा उत्साहवर्धन किया जाता रहा है।

error: Content is protected !!