न्याय योजना की चौथी किश्त जारी होते ही आक्रामक हुई कांग्रेस, भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप

०० रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे ने लगाया आरोपभाजपा के स्टैंड को लोगों के बीच ले जाने की रणनीति

रायपुर| छत्तीसगढ़ में किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी और अंतिम किश्त जारी होते ही कांग्रेस आक्रामक हो गई है। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ भाजपा पर न्याय योजना को रोकने की साजिश का आरोप लगाया है। कांग्रेस अब इस मामले में भाजपा के दोहरे स्टैंड को लाेगों के बीच ले जाने की तैयारी में है।

रायपुर शहर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा, केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से डाली गई सभी बाधाओं के बावजूद राज्य की कांग्रेस सरकार ने किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पूरी राशि सफलता पूर्वक दे दी है। बजट में नए वित्तीय वर्ष के लिए भी इस योजना के मद में 5700 करोड़ रुपए की व्यवस्था करके स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार के दबाव के बावजूद यह योजना आगे भी जारी रहेगी। गिरीश दुबे ने कहा, इस योजना ने भाजपा का दोहरा चरित्र भी उजागर कर दिया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता न्याय योजना की राशि को कभी एकमुश्त देने तो कभी ब्याज के साथ देने की मांग उठा रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार के पास जाकर इस योजना को धान का बोनस बताने से नहीं चूक रहे हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा, केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल जब राजीव गांधी किसान न्याय योजना को धान का बोनस बताते रोक लगाने को कहते हैं, तो भाजपा के नेता चुप क्यों रह जाते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और भाजपा विधायक दल के नेता धरमलाल कौशिक खामोश क्यों रह जाते हैं। गिरीश दुबे ने कहा, सच तो यह है कि केंद्र की भाजपा सरकार और छत्तीसगढ़ भाजपा में रमन सिंह और धरमलाल कौशिक जैसे नेता किसानों के विरोध में हैं। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में योजना की मांग करने और केंद्र सरकार में विरोध करने का भाजपा नेताओं का यह खेल प्रदेश की जनता समझने लगी है। गिरीश दुबे ने कहा, भाजपा और केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों और धान के इतने विरोधी हो गए हैं कि राज्य सरकार को कुछ करने ही नहीं दे रहे हैं। केंद्र सरकार न तो धान से बना चावल ले रही है और न ही इस धान से एथेनाल बनाने की अनुमति दे रही है। उन्होंने कहा, रमन सिंह जैसे नेताओं के प्रदेश विरोधी अभियान का दुष्परिणाम है कि राज्य सरकार को 1865 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया धान खुले बाजार में 1400 रुपया प्रति क्विंटल की दर से नीलाम करना पड़ रहा है।

एक दिन पहले नेता प्रतिपक्ष ने ब्याज की मांग की थी :- एक दिन पहले नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने किसान न्याय योजना की राशि किश्तों में देने की वजह से ब्याज की मांग की थी। उन्होंने कहा, सरकार को किसानों की चिंता होती तो वादे के मुताबिक किश्त समय पर किसानों को देती। करीब 16 महीने बाद किसानों को धान की चौथी किस्त दी जा रही है। उसके बाद भी यह तय नहीं है कि इस साल खरीदे गए धान की किश्त सरकार कब देगी। उन्होंने कहा, किसानों को जो किश्त दी गई है उसकी मूल राशि के साथ ब्याज भी जोड़कर दिया जाना चाहिए।

error: Content is protected !!