एटीएम मशीन में कैश डालने वालो की बिगड़ी नियत, 27 लाख रुपए रख लिए अपने पास, दो आरोपी गिरफ्तार

०० रायपुर के अलग-अलग एटीएम में रुपए डालने के दौरान युवकों ने की थी गड़बड़ी

रायपुर| बैंक के ऑडिट में हमेशा रकम कम पाई जा रही थी, बैंक के अफसर इस बात से परेशान थे कि एटीएम से रुपए आखिर जा कहां रहे हैं। अफसरों ने अपने स्तर पर जांच की तो पता चला कि मशीन में रकम डालने का काम करने वाले दो युवक ही रुपए गायब कर रहे थे। फौरन इसकी शिकायत रायपुर के डीडी नगर थाने में की गई। मामला 27 लाख रुपए से भी अधिक का था। पुलिस भी हरकत में आई। अब गुरुवार की दोपहर जांच टीम ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों का नाम धर्मेन्द्र रात्रे और मुकेश सिंह ठाकुर है। फिलहाल इनसे डीडी नगर थाने की पुलिस पूछताछ कर रही है। अब तक की जांच में पता चला है कि इनका एक अविनाश नाम का साथी है, जो कि फरार है। पुलिस युवकों से 27 लाख रुपयों के बारे में भी जानकारी ले रही है।

राइटर बिजनेस सर्विस के असिस्टेंट मैनेजर भूषण गांधी ने बताया कि हमारी कंपनी बैंक ऑफ बड़ौदा के लिए कैश मैनेज करने का काम करती है। मेरी ही कंपनी में मुकेश सिंह ठाकुर और धर्मेंद्र रात्रे एटीएम अफसर के तौर पर काम करते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के भिलाई स्थित करेंसी चेस्ट रुपए लेकर रायपुर के अलग-अलग एटीएम में रुपए डाले जाते हैं। मुकेश और धर्मेंद्र यही काम करते थे। इनके पास एक खास तरह का पासवर्ड होता है। मशीन में इसी के जरिए रुपए डालने का काम होता है। 2 मार्च को कंपनी के ऑडिटर हरजिंदर सिंह ने अपने ऑडिट में यह पाया की रायपुर के सुन्दर नगर में स्थित एटीएम में 2,90,000 रुपए कम हैं। इस एटीएम में 12 लाख रुपए लोड किए गए थे। लोगों के इस्तेमाल के बाद मशीन में जितने रुपए होने चाहिए वो नहीं थे। टीम को ये पता लगा कि रुपए लोड करते वक्त ही मुकेश और धर्मेंद्र ने पैसे लेकर अपने पास रख लिए थे। इसके बाद हर उस एटीएम में कैश की जांच की गई। जहां इन दोनों को रुपए डालने भेजा गया था। स्टेशन रोड, पंडरी, संतोषी नगर जैसे 5 अलग-अलग एटीएम ने कुल 27,73,700 रुपए के गबन का पता चला। फिलहाल मुकेश सिंह ठाकुर और धर्मेंद्र रात्रे पुलिस की गिरफ्त में हैं।

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