महिला और उसकी बेटियों की हत्या कर जलाया तो पिता-पुत्र के हाथ क्यों जले, तार से क्यों तीनों को बांधा? : डॉ रमन सिंह 

०० दुर्ग के बठेना गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में गरमाई राजनीति

०० पूर्व मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग कीभाजपा विधायक दल पहुंचा गांव

रायपुर| छत्तीसगढ़ के मुख्यमत्री भूपेश बघेल के निर्वाचन क्षेत्र दुर्ग में पाटन क्षेत्र के बठेना गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत को लेकर सियासत गरमा गई है। एक ओर जहां सरकार इसे खुदकुशी बता रही है, वहीं विपक्ष ने पूरे मामले में हत्या की थ्योरी सामने रखी है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि अगर महिला और उसकी बेटियों को पिता-पुत्र ने जलाया तो उनके हाथ-पैर क्यों जले। अगर मारकर जलाया तो तार से क्यों बांधा गया तीनों को।

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह सोमवार दोपहर भाजपा विधायक दल के साथ बठेना गांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने मौके का जायजा लिया और परिजनों से बातचीत की। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद गंभीर घटना है। घटना को लेकर बहुत सारे प्रश्न है। उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। हम इस घटना को डीजीपी से लेकर सदन में तक उठाएंगे। साथ ही रमन सिंह ने मृतक के परिजनों को विधायक दल की ओर से एक लाख रुपए देनी की घोषणा की है।वहीं नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मुख्यमंत्री बघेल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, अगर मुख्यमंत्री के क्षेत्र में ऐसी स्थिति है तो बाकी प्रदेश का क्या हाल होगा। यह समझा जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बठेना की घटना हत्या या आत्महत्या यह अभी तक साफ नहीं हुआ है। यहां पर भूमाफिया इस सरकार में सक्रिय हुए हैं। सरकार लाख दुहाई दे लेकिन लोग सूदखोरो के चंगुल में आ रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ शिकंजा कसने की जरूरत है।भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि महिला और उसकी बेटियों को जिंदा जलाने के बाद पति और पुत्र को भी मार दिया गया। उन्होंने कहा कि पांच लोग कर्ज से परेशान होकर एक साथ मर जाएं, ऐसा नहीं हो सकता। इस घटना में मरने वाले आत्महत्या नहीं कर सकते है। प्रदेश में भूमाफिया तेजी से बढ़ रहे हैं। लोग माफिया के कब्जे में आ जाए तो ठीक है, नहीं तो वे मरने पर मजबूर कर दे रहे हैं।इससे पहले विधानसभा में भी भाजपा ने बठेना गांव मामले में सरकार को घेरा था। वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने 11वें दिन शुन्यकाल में सवाल किया। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बठेना में गायकवाड परिवार की मौत हो जाती है। सरकार हत्या को आत्महत्या बताने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले में झूठा आत्महत्या पत्र बनाया गया है। इस सरकार को शर्म नहीं आती कि हत्या को आत्महत्या बताया जा रहा है। वहीं खुड़मुड़ा हत्याकांड का भी मामला उठा।दुर्ग पुलिस एक केस का निपटारा नहीं कर सकी और दूसरा बड़ा मामला सामने है। मुख्यमंत्री बघेल का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण इस वक्त सबसे ज्यादा प्रेशर में दुर्ग पुलिस पर है। शनिवार को बठेना गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से और ज्यादा संवेदनशील हो गया। अब तक खुड़मुड़ा में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की गुत्थी सुलझी नहीं सकी है। इन सबके चलते प्रदेश की सियासत फिर गरमा गई है।

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