छत्तीसगढ़ में कोरोना सेस को लेकर राजनितिक नौटंकी बंद करे भाजपा : त्रिवेदी

00 गौशालाओं के करोड़ों का अनुदान खाने वाली भाजपा अब पशुधन हित में खर्च की जा रही सेस पर सवाल उठा रही : कांग्रेस
रायपुर। गोधन न्याय योजना को लेकर भाजपा विधायकों द्वारा सीएजी को ज्ञापन दिए जाने पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि गौशालाओं का करोड़ों का अनुदान खा जाने वाली भाजपा अब गोपालको और पशुधन के हित के लिए खर्च की जा रही सेस पर सवाल कैसे उठा रही हैरमन शासनकाल में पशुधन गौ माता के नाम से गौशाला खोलकर भाजपा और आरएसएस के नेता फलते फूलते रहे हैं और गौ माता की निर्मम हत्या कर उनके हाड़-मांस को बेचा जाता रहा है। आज भूपेश सरकार गोधन न्याय योजना के माध्यम से और राज्य हजार से अधिक गोठानो के माध्यम से गोपालको और पशुधन के संरक्षण के लिए काम कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने गोधन न्याय योजना के माध्यम से काम कर रही है। ऐसे में भाजपा को पशुपालकों एवं पशुधन के पीछे खर्च होने वाली राशि को लेकर तकलीफ हो रही है।
शैलेश त्रिवेदी ने कहा है कि कोरोना काल से निपटने बनाई गई पीएम केयर्स फंड को सीएजी ऑडिट आरटीआई के दायरे से बाहर और पब्लिक डोमेन में होने से रोकने वाली भाजपा छत्तीसगढ़ में कोरोना सेस को लेकर राजनीतिक नौटंकी बंद करे।
उन्होंने कहा है कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग भारतीय जनता पार्टी का चरित्र रहा है। पूर्व में भी यूपीए-II के समय 2G स्पेक्ट्रम घोटाला, कोल घोटाला के नाम पर तत्कालीन सीएजी प्रमुख विनोद राय के साथ मिलकर काल्पनिक कहानी बनाकर साजिश रचे गए। भाजपाइयों के षडयंत्र में शामिल विनोद राय को सत्ता पाते ही उपकृत किया गया। उन्हे न केवल बैंकों के राष्ट्रीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया बल्कि पद्मभूषण पुरस्कार से भी नवाजा गया। सर्वविदित है कि वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार सीबीआई, आईटी, ईडी, निर्वाचन आयोग, राजभवन को अपनी पार्टी कार्यालय की तरह कौन चला रहे हैं। कौन लोग हैं जो न्याय प्रणाली को प्रभावित कर रहे है। सीएजी जैसा संवैधानिक संस्थाओ को दुरुपयोग भाजपा का इतिहास रहा है, अपने पाप भाजपाई हमपर न थोपे। संविधान की रक्षा और संवैधानिक संस्थानों की मजबूती के लिए भूपेश बघेल सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में संचालित सभी 6200 गौठान स्थानीय ग्राम पंचायतों की ही संपत्ति है। योजना के आरंभ में आवर्ती व अनावर्ती व्यय के रूप में लगभग 357 करोड़ों की राशि सरकार के द्वारा दी गई थी। वर्तमान में गोठानो का संचालन स्व सहायता समूह और गोठान समिति के माध्यम से किया जा रहा है जिसका निर्माण भी संबंधित पंचायतों के द्वारा ही किया गया है। 14 वे और 15वें वित्त आयोग की राशि पंचायत में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए खर्च करने का प्रावधान है। गोठान में गोबर खरीदी के साथ-साथ वर्मीटांका निर्माण और आजीविका मिशन के तहत शेड बनाने का काम भी किया जा रहा है। रमन सिंह के कुशासन में पंचायतों के मूलभूत मद की राशि भी भाजपा की रैलियों में गाड़ियों के किराए और डीजल पैट्रोल में फूंका जाता रहा रिलायंस के टावर लगाने खर्च किया गया। अब गोठानो के निर्माण और व्यवस्था में यदि पैसा खर्च हो रहा है तो भाजपा को आपत्ति क्यों हो रही है ?
भाजपा पहले छत्तीसगढ़ के किसानों के आर्थिक उन्नति का विरोध करते रही है अब गोपालक और पशुधन के संरक्षण रक्षा उनके रहने खाने उनके चारा दवाई की व्यवस्था के पीछे की जा रही सेस की राशि पर आपत्ति कर अपने पशुधन विरोधी छत्तीसगढ़ विरोधी होने के चरित्र को आगे बढ़ा रही है। गोधन न्याय योजना में लगभग 41% हितग्राही भूमिहीन है। पूरे छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना छोटे किसान, कृषि मजदूर सहित ग्रामीणों की आय का महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है और यही वजह है कि चंद पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए काम करने वाले भाजपाईयों को इस जनहितकारी महत्वाकांक्षी योजना से बहुत पीड़ा हो रही है। शैलेश त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा नेता के शगुन गौशाला में 700 से अधिक गौ माता की निर्मम हत्या हुई आर एस एस और भाजपा के नेताओं के द्वारा संचालित गौशालाओं में पशुधन के नाम से अनुदान लेकर अनुदान का बंदरबांट किया गया।

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