विधानसभा : सदन में गूंजा वन्य प्राणी का अवैध शिकार किए जाने का मामला

रायपुर। विधानसभा में वन्य प्राणी का अवैध शिकार किए जाने का मामला सदन में उठा। पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा 24 फरवरी को मादा तेंदुए का शव मिला। कई कीमती अंग गायब है। इससे शिकार की आशंका है। अवैध शिकार से लोगों में नाराजगी है। वन मंत्री मो अकबर ने बतायागंडाई में एक तेंदुआ मृत मिला था। सूचना मिलने के बाद अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे थे। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। तेंदुए का शव पोस्टमार्टम किया गया। माथे की चमड़ी और सामने के दो पैर गायब था। अपराध में संलिप्त चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से मादा तेंदुए के माथे की चमड़ी और पैर बरामद किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। डॉ रमन सिंह ने कहा- यह ऐसा क्षेत्र है जो भोरमदेव वन अभ्यारणमध्यप्रदेश में कान्हा किसली के क्षेत्र से लगा हुआ है। यह टाइगर कॉरिडोर का हिस्सा है। इस मामले में ग्रामीणों ने शिकायत की तो यह प्रकरण सामने आ गया। अंतरराज्यीय गिरोह जो छत्तीसगहमहाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से सक्रिय हैं उन पर कार्रवाई की क्या तैयारी हैडीएफओएसडीओ जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होगीयदि अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नही होगी तो यह संदेश जाएगा कि इसे विभाग संरक्षण दे रहा हैमो. अकबर ने कहा- यह कॉरिडोर का हिस्सा नहीं है। अवैध शिकार रोकने हर संभव कार्रवाई की जा रही है। सतत निगरानी चल रही है। डॉ रमन सिंह ने कहा- पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही पर्याप्त है। ये बताता है कि षड्यंत्र पूर्वक इस तेंदुए का शिकार किया गया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि पूरे प्रदेश में वन्य प्राणियों का अवैध शिकार हो रहा है। हाथियों को भी करंट लगाकर मारा गया। वन्य प्राणियों के अवैध शिकार को रोकने और अंतरराष्ट्रीय तस्करों तक पहुँचने के लिए विभाग ने क्या कार्रवाई की हैवन मंत्री मो. अकबर ने कहा कि एक भी प्रकरण ऐसा नही है जिसमें आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई हो। अंतर्राज्यीय स्तर पर समन्वय बनाने पर हम विचार कर लेंगे।

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