एनआरसी-सीएए पर बात करने से डरने लगे हैं गृहमंत्री अमित शाह, अब क्यों नहीं उठाते हैं यह मुद्दा : विकास उपाध्याय

०० विधायक विकास उपाध्याय ने असम के दौरे से वापस लौटकर दिया बयान

०० चुनाव से पहले बनाए गए हैं राष्ट्रीय सचिव और असम प्रदेश के पार्टी प्रभारी

रायपुर| कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और असम के प्रदेश प्रभारी विकास उपाध्याय ने असम में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। विधायक विकास उपाध्याय ने कहा, गृहमंत्री अमित शाह असम में घुसपैठियों पर, अनुच्छेद 370, बोडो शांति समझौता और राम मंदिर पर तो बोल रहे हैं लेकिन एनआरसी-सीएए पर बोलने से डर क्यों रहे हैं।

विकास उपाध्याय ने कहा, ये वही अमित शाह हैं जो पहले ये कहते नहीं थकते थे कि दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं है जहां कोई भी जाकर बस सकता है। देश के नागरिकों का रजिस्टर होना समय की जरूरत है। वे कहते थे, उन्होंने चुनावी घोषणा पत्र में देश की जनता से वादा किया है, न केवल असम बल्कि देश भर के अन्दर हम एनआरसी लेकर आयेंगे। एनआरसी के अलावा देश में जो भी लोग हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत बाहर किया जाएगा। अब असम में चुनाव आए हैं तो अमित शाह को वहां न तो अपना घोषणा पत्र याद रहा और न ही अपना पुराना बयान। उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी की अब संस्कृति बन चुकी है कि वह वोट हासिल करने तात्कालिक झूठी बयानबाजी का रास्ता अपनाती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा, मोदी शासन की घटनाओं ने उन्हें सफलता से कोसों दूर कर दिया है। रायपुर विधायक और कांग्रेस के असम प्रभारी विकास उपाध्याय पिछले कई दिनों से असम में डेरा डाले हुए थे। उन्होंने वहां अपने प्रभार वाले जिलों में पार्टी नेताओं के बीच समन्वय और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया है। कल वे गुवाहाटी से दिल्ली लौटे। असम चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेताओं के साथ बैठक के बाद आज सुबह की उड़ान से वे रायपुर पहुंचे हैं।

बंगाल-असम दोनों में भाजपा की हार का दावा :- विधायक विकास उपाध्याय ने कहा, गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल दौरे में कहा था कि कोविड-19 की वजह से सीएए के नियमों को तैयार करने में देरी हो रही है। जैसे ही देश में वैक्सीन का काम शुरू होगा सीएए के नियमों को लागू करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। उपाध्याय ने कहा, अब जब देश में लाखों लोगों को वैक्सीन लगाया जा चुका है तो फिर अमित शाह इस पर देरी क्यों कर रहे हैं। क्या उन्हें इस मुद्दे से डर लगने लगा है कि वे इसके चलते असम और पश्चिम बंगाल के साथ ही अन्य राज्यों के चुनाव हार जाएंगे। विकास उपाध्याय ने कहा, किसानों सहित अन्य मुद्दों में मोदी सरकार का नजरिया देखकर इन प्रदेशों में भी लोगों ने भाजपा को पूरी तरह से नकार दिया है।

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